सैफई। 587 कर्मचारियों के धरने पर बैठने से पहले ही दिन आयुर्विज्ञान विवि की व्यवस्थाएं लड़खड़ाती दिखीं। वार्ड ब्वाय की कमी हो जाने की वजह से तीमारदारों को स्ट्रेचर लेकर मरीज को वार्ड तक ले जाना पड़ा। वहीं आवाजाही पर रोक न होने की वजह से जहां तहां लोग बैठे रहे।
मैनपुरी के महिपाल सिंह को जनरल वार्ड में भर्ती बेटे को एक्सरे के लिए लेकर पहुंचे। यहां एक्सरे के लिए समय लगने पर वे बेटे को लगी बोतल हाथ में लिए खुद स्ट्रेचर पर बैठे दिखाई दिए। बताया कि बेटे को पेट में तकलीफ थी, इसलिए भर्ती कराया था।
उधर, इटावा से बेटी गुनगुन को दिखाने आईं सरिता को भी स्ट्रेचर खुद ही घसीटना पड़ा। स्ट्रेचर पर खुद ही बेटी को लेकर एक्सरे कक्ष तक लाईं। उन्होंने बताया कि बेटी के पैर में चोट लगने की वजह से उसे इमरजेंसी में लेकर आए थे। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी मरीजों को खुद ही एंबुलेंस से उतारना पड़ा।
उधर, सुरक्षाकर्मियों के भी हड़ताल पर होने की वजह से मुख्य गेट से लेकर वार्डों के बाहर तक मरीजों और उनके तीमारदारों की मनमानी रही। ओपीडी में दिखाने के लिए लाइन में लगे लोगों में कई बार झड़प हुई। वाहन चालकों ने भी पार्किंग की जगह विभागों की इमारतों के बाहर तितर-बितर वाहन खड़े रखे। कुलपति डॉ. प्रभात सिंह ने बताया कि नियमित स्टाफ पर्याप्त है। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
आईसीयू वार्ड के बाहर जमीन पर बैठे तीमारदार। संवाद- फोटो : ETAWAH
बेटे के लगी बोतल को हाथ में पकड़कर स्ट्रेचर पर बैठे महिपाल। संवाद- फोटो : ETAWAH
बेटी का एक्सरे कराने के लिए इमरजेंसी से एक्सरे कक्ष तक स्ट्रेचर खींचकर लाईं सरिता। संवाद- फोटो : ETAWAH
सुपर स्पेशिलिटी इमारत के बाहर एंबुलेंस से उतारकर खुद मरीज को स्ट्रेचर से ले जाते तीमारदार। संवा?- फोटो : ETAWAH