बैठक में शामिल होने के लिए होटल के रिसेप्सन में डेरा डाले कांग्रेसी नेता।
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इटावा। कांग्रेस की विधान सभा चुनाव की तैयारी कराने के लिए गुरूवार को जनपद पहुंची टीम पीके के सामने ही जिले के कांग्रेसी नेता जातिगत मुद्दे पर चर्चा के दौरान आपस में भिड़ गए। पार्टी के एक युवा नेता द्वारा उठाया गया यह मुद्दा बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ नेता को नहीं भाया और उन्होंने जबाब में तीखे तीर चलाकर मामला गर्म कर दिया। दोनों ओर से गरमा गरम बहस शुरू हो गई जिसे जैसे तैसे टीम पीके के पदाधिकारियों ने शांत कराया। टीम ने यहां जिला कांग्रेस व युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ अलग अलग बैठक बुलाई थी लेकिन दोनों कार्यकारिणी के पदाधिकारी एक साथ ही बैठक में पहुंच गए। जिसके बाद यह स्थिति पैदा हुई।
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2017 की चुनावी रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी टीम पीके को सौंपी है। जिसपर गुरूवार को भी टीम पीके का तीन सदस्यी दल धर्मेश के नेतृत्व में जनपद पहुंचा। टीम ने एक होटल में पार्टी की जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों क ो सुबह 10 बजे से बैठक के लिए बुलाया था वहीं युवक कांग्रेस पदाधिकारियों को दोपहर 02 बजे से चर्चा के लिए बुलाया था लेकिन पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने गुरूवार को होटल के बाहर सुबह से ही डेरा डाल लिया। जैसे ही टीम पीके ने बैठक शुरू की जिसे मौका लगा कमरे में घुस गया। कई बार युवा पदाधिकारियों को बाद में समय पर आने को कहा गया लेकिन कोई मौके से नहीं हिला तो बंद कमरे में बैठक शुरू कर दी गई।
बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बीच चुनाव में प्रत्याशी को लेकर जातिगत मुद्दा उठ गया। पार्टी के एक युवा पदाधिकारी ने जनपद में सवर्ण की अनदेखी किए जाने की बात करते हुए कहा कि लोकसभा के साथ विधान सभा में भरथना व जसवंतनगर सीटें आरक्षित होने के बाद सदर सीट भी सवर्ण छोड़ अन्य जाति को चुनाव लड़ने के लिए दी जाती रही है। यही कारण है कि जिले से सवर्ण वोट दल से खिसक रहा है। इस पर टीम पीके के सदस्य कुछ कहते कि उससे पहले ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने यह कहकर मामला गर्म कर दिया कि जिले के सवर्ण पदाधिकारियों ने ही पार्टी का बंटाधार किया है।
इसके बाद दो फाड़ में बंटे कांग्रेसियों में जमकर कहासुनी हुई और टीम के सदस्यों ने जैसे तैसे दोनों पक्षों को शांत कराया। मामला शांत होने के बाद अन्य मुद्दों पर औपचारिकता पूर्ण चर्चा की गई और टीम वापस चली गई।