चकरनगर। चंबल में जल्द कांटेदार बबूल की जगह फलदार पौधे, नींबू, संतरा, बेलवा, कैथा के पेड़ देखने को मिलेंगे। इसके लिए सामाजिक वानिकी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग बीहड़ों में हरियाली बढ़ाने के लिए 1,25000 फलदार पौधों की नर्सरी तैयार करा रहा है।
सामाजिक वानिकी के रेंजर शिव कुमार ने बताया कि बीहड़ों में विलायती बबूल बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारण फलदार, औषधीय और फर्नीचर बनाने में प्रयुक्त होने वाले शीशम के पौधों की संख्या कम होती जा रही है।
इसको देखते हुए विभाग ने क्षेत्र में फलदार औषधीय व अन्य पौधे लगाने के लिए नर्सरी तैयार की है। जंगल में पौधारोपण की तैयारियां चल रही हैं। पहली बरसात होने के बाद ही पौधों का रोपण शुरू हो जाएगा। इस वर्ष चकरनगर रेंज की नर्सरी में एक लाख पच्चीस हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नर्सरी में अन्य प्रजाति के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं। नर्सरी में इस वक्त लगभग 4,00,000 से अधिक पौधे तैयार हैं।