फोटो संख्या 09 भरथना के नगला हरलाल में गुलाब के पौधों से फूल तोड़ते धनीराम शाक्य साथ मे उनके दोनों ?
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भरथना। परंपरागत धान-गेहूं की फसलों से हटकर धनीराम ने पहली बार गुलाब की खेती कर और मुनाफा कमाया है। अब उनकी मंशा इसे और बढ़ाने की है।
भरथना क्षेत्र के नगला हरलाल निवासी किसान धर्मवीर शाक्य ने बताया कि बीते कई वर्षों से लगातार लगभग 10 बीघा खेत में गेहूं के अलावा लहसुन, प्याज, टमाटर, गोभी व हरी मिर्च आदि सब्जियों की पैदावार कर परिवार का भरण पोषण करते आ रहे थे। सब्जियां के भाव में लगातार उतार चढ़ाव से परेशान थे। पिछले वर्ष लगभग डेढ़ बीघा खेत में नए प्रयोग के तौर पर गुलाब की खेती करने की ठानी। 650 गुलाब के पौधे खरीद कर लगाए। उसकी देखरेख करते हुए समय पर पानी और कीटनाशक दवा का छिड़काव किया।
परिवार में पत्नी सरला देवी, पुत्री डॉली व खासतौर पर पुत्र मनीष व अवनीश ने भी देखरेख में हाथ बंटाया। जिसका नतीजा यह हुआ कि सहालग आते-आते पौधों में गुलाब के फूल आने शुरू हो गए। सहालग में प्रत्येक रोज करीब 5 से 7 किलोग्राम फूल निकलने लगे। डिमांड बढ़ने पर उन्हें दो सौ रुपये प्रति किलोग्राम भी मिला। सहालग के बाद भी गुलाब के फूल के बाजार में भाव अभी 150 रुपये से लेकर 180 रुपये प्रति किलोग्राम बनी हुई है। मौजूद समय मे हर रोज लगभग तीन किलोग्राम गुलाब के फूल की बिक्री करते हैं।
धनीराम ने बताया कि गांव के समीप ही स्थित डेढ़ बीघा जमीन में गुलाब की खेती में लगभग 22 हजार रुपये की लागत आई थी। पैदावार से मुनाफा हासिल होने पर परिवार सहित वे भी खुश हैं। सर्दी से राहत के बाद अब वे पहले की अपेक्षा दुगनी भूमि पर गुलाब की खेती करेंगे।
मनीष उर्फ रिंकू का कहना है कि पिता द्वारा गुलाब की खेती करने के फैसले पर अचरज हुआ क्योंकि, पहले कभी गुलाब की खेती नहीं की थी। खेत में लगाए गए पौधों को जानवरों से बचाव, प्रत्येक 7 से 10 दिनों में पानी देने व दवा आदि का छिड़काव का खासा ख्याल रखने में पिता का हाथ बंटाया।