इटावा। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत थाना व श्रम विभाग की की संयुक्त टीम बुधवार को बिठौली व सहसों थाना क्षेत्र में पहुंची। यहां बैंड बाजा संचालकों, हलवाई, मंडप सजाने वालों, ग्राम प्रधानों एवं मंदिरों के पुजारियों को बाल विवाह कानून की जानकारी दी गई। बताया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव के आदेश पर थाना एएचटी की टीम ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मैरिज होम या देवस्थल पर बाल विवाह की सूचना मिलती है तो संबंधित संचालक व जिम्मेदार व्यक्ति भी दंड के भागीदार होंगे। उन्होंने मैरिज होम संचालकों को निर्देश दिए कि बुकिंग के समय लड़का लड़की का आधार जरूर देखें। जागरूकता अभियान में थाना प्रभारी सहसों अलमा अहिरवार,थाना प्रभारी राजेंद्र विक्रम सिंह, थाना प्रभारी एएचटी निरीक्षक प्रेमचंद्र, निरीक्षक अवधेश यादव, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार शुक्ला एवं महिला मुख्य आरक्षी प्रीती देवी मौजूद रहीं।
टीम प्रभारी निरीक्षक प्रेमचंद्र ने स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधानों से अपील कि वह बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें।