दिल्ली-हावड़ा रूट पर इटावा सेक्शन में आए दिन होने वाली ट्रेन डकैती और लूटपाट की वारदातों के बाद आरपीएफ के आला अफसरों ने भी इटावा को क्राइम जोन मान लिया है। इसी के तहत कासगंज से जीआरपी सीओ दफ्तर को इटावा ट्रांसफर कर दिया गया है।
शनिवार को खुद आईजी जीआरपी एलबी एनटोनी देव कुमार ने इटावा आकर अपराधों की समीक्षा की और स्टेशन के साथ ही जीआरपी थाने का निरीक्षण किया।
बीते समय में इटावा में कई ट्रेन डकैती की वारदातें हुईं। आए दिन इटावा सेक्शन में ट्रेनों में होने वाली आपराधिक वारदातों को रेलवे के साथ ही जीआरपी ने गंभीरता से लिया है। इसी के तहत कासगंज से सीओ ऑफिस को इटावा में स्थानांतरित कर दिया गया है।
अब से जीआरपी के सीओ भी इटावा में बैठेंगे। लाइनपार फ्रैंड्स कालोनी की ओर जीआरपी की बैरक में सीओ का अस्थाई दफ्तर बनाया गया है और स्थाई दफ्तर के लिए प्रस्ताव डीआरएम इलाहाबाद को भेजा गया है।
शनिवार को जीआरपी के आईजी एलबी एनटोनी देव कुमार ने इटावा आकर अपराधों की समीक्षा की। उन्होंने जीआरपी थाने का निरीक्षण किया और अपराधों के बारे में थानाध्यक्ष से जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होेंने रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इसके बाद लाइनपार क्षेत्र में बनाए गए सीओ पेशी का भी उद्घाटन किया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए आईजी देव कुमार ने इटावा क्षेत्र में ट्रेन डकैती की अधिक वारदातें होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में बढ़ते अपराधों की समीक्षा के लिए ही वह यहां आए हैं। क्योंकि इस क्षेत्र में अपराध ज्यादा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ही कासगंज से सीओ ऑफिस को इटावा ट्रांसफर कर दिया गया है। अब से सीओ ज्ञानेंद्र सिंह इटावा में ही बैठेंगे। फिलहाल सीओ दफ्तर अस्थाई रूप से जीआरपी की बैरक में बनाया गया है। डीआरएम को दफ्तर बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि वारदातों को रोकने के लिए ट्रेन में चलने वाले एस्कॉर्ट की जिम्मेदारी को भी सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने थाना पुलिस को भी जेल भेजे गए अपराधियों पर निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय थानाध्यक्ष जीआरपी यशपाल यादव भी उपस्थित रहे।