निवाड़ीकला। प्रशासनिक लापरवाही के कारण ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। छुट्टा गोवंश को लेकर जिलाधिकारी के आदेश का भी ब्लॉक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। ब्लॉक के अधिकारी जल्द ही समस्या का समाधान होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
छुट्टा गोवंश की समस्या को देखते हुए बीते 17 मार्च को ब्लॉक प्रशासन ने उरैंग गोशाला को शुरू कराया था। एक सप्ताह भी नही बीता और गोशाला खाली करवा दी गई। गोशाला के गोवंश किसने निकाले और कैसे निकले ये जानकारी किसी के पास नहीं है।
ब्लॉक से भेजे गए सफाई कर्मचारियों ने निवाड़ी कला क्षेत्र की आधा सैकड़ा गोवंश इस गोशाला में बंद कराए थे। इसके लिए गोशाला में गोवंश के खानपान की भी समुचित व्यवस्था कराई थी। अगले ही दिन गोशाला से गोवंश भगा दिए गए।
ग्रामीण बबलू दीक्षित ,रिंकू शाक्य ,छुटियन दीक्षित , रामसिंह , अजय कुमार का कहना है कि गोशाला को अगले ही दिन खाली करा दिया गया। जिससे समस्या जस की तस हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला को सिर्फ खानापूर्ति के लिए चालू कराया गया था।
अभी गोशाला में 15-20 गोवंश होंगे। गोवंश बाहर कैसे निकले इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। गोवंशों को दोबारा पकड़ा जाएगा।
सुधीर कुमार, पंचायत सचिव