मलेपुरा गांव का एक बालक शनिवार शाम पानी से लबालब नहर में नहाते समय डूब गया। आसपास के तैराक लड़कों से कराई गई खोजबीन में देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने बताया कि नहर विभाग से पानी रोकने को कहा है। करीब तीन घंटे बाद पानी कम हो पाएगा।
थाना क्षेत्र के मलेपुरा गांव निवासी भूमिहीन मजदूर करन सिंह का 11 साल का बड़ा बेटा मयंक शनिवार शाम करीब 4 बजे चंद्रपुरा और धर्मपुरा गांव के मध्य भोगनीपुर निचली गंग नहर के पास बकरियां चराने गया था। मयंक के साथ गांव के 4-5 हमउम्र दोस्त भी थे।
सभी बच्चे चढ़ी हुई नहर में नहाने चले गए। इसमें मयंक पानी के तेज बहाव में फंसकर डूब गया।
रोते चीखते उसके साथी गांव पहुंचे और मयंक के डूबने की जानकारी परिजनों को दी। बदहवाश हालत में मयंक के पिता करन सिंह आदि ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना पर लवेदी थानाध्यक्ष अमान सिंह भी पुलिस के साथ पहुंच गए।
गांव के आसपास गोताखोर न होने से पुलिस ने तैराक लड़कों के मयंक की खोजबीन कराई। लेकिन रात करीब 8 बजे तक उसका कोई पता नहीं चल पाया।
यहां पहुंचे भरथना तहसीलदार गजराज सिंह ने बताया कि नहर विभाग से पानी बंद रोकने को कहा है। करीब तीन घंटे बाद नहर में पानी कम होगा। थानाध्यक्ष ने बताया कि गोताखोरों को भी बुलवाया गया है।
इन दिनों धान की नर्सरी डाली जा रही है। लिहाजा खेत में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 21 जून से नहर में पानी छोड़ा गया है।
इन दिनों नहर पानी से लबालब भरी चल रही है। इधर बेटे के नहर में डूबने से करन सिंह बेहाल रहे। उनके दो बेटों और एक बेटी में मयंक सबसे बड़ा है। उसके डूबने की खबर से घर में कोहराम मच गया।