रविवार को इटावा महोत्सव की बढ़ाई गई अवधि पूरी हो गई और महोत्सव का पूरी तरह से समापन हो गया। समापन के दिन तो महोत्सव में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ रही ही साथ ही अगले दिन सोमवार को भी महोत्सव में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। उधर महोत्सव समिति ने 25 जनवरी को आतिशबाजी कराने क ा फैसला किया है।
इटावा महोत्सव क ा शुभारंभ इस वर्ष 11 दिसंबर को हुआ था। विभिन रंगारंग कार्यक्रमों, सर्कस झूले, पुस्तक मेला आदि का लुत्फ इस बीच जनपदवासियों ने लिया लेकिन नोटबंदी आदि के चलते महोत्सव में खरीदारी कम हुई। ऐसे में महोत्सव के समापन के दिन 08 जनवरी क ो महोत्सव में जुटे व्यापारियों व खेल तमाशा, झूले वालों ने जिलाधिकारी से महोत्सव क ो कुछ दिन के लिए और बढ़ाने की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी शमीम अहमद ने महोत्सव को 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया। 22 जनवरी तक महोत्सव लगे रहने की अनुमति दे दी।
इसके बाद से अब तक महोत्सव शहरवासियों का मनोरंजन कर रहा था। रविवार को इस बढ़ाई गई अवधि का अंतिम दिन था और कई दुकानदारों ने दुकानों का सामान भी समेटना शुरू कर दिया। महोत्सव के समापन के बाद दुकानदारों ने सामान के रेट भी गिरा दिए। इसका नतीजा यह हुआ कि दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। इसके साथ ही भीड़ बढ़ने से सॉफ्टी, काफी, चाट पकौड़ी की दुकानों पर भी भीड़ रही और लोग इनका खूब लुत्फ ले रहे हैं। घर जाते समय महोत्सव की मिठाई कहे जाने वाले खजले की भी खूब बिक्री हो रही है।
यही कारण है कि खजले के व्यापारी भी महोत्सव के समापन के बाद भी डटे हुए हैं। महोत्सव में सबसे ज्यादा भीड़ फड़ की दुकानों पर हो रही है। यहां पर लोगों ने सस्ते पुराने और नये गर्म कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं। दूसरी ओर बच्चों के खिलौनाें की दुकानों पर भी खरीदारी का दौर चलता रहा।