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खरीद केंद्र में जगह नहीं, गेहूं लेकर लौट रहे किसान

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बकेवर। किसान सेवा सहकारी समिति बकेवर खरीद केंद्र पर गेहूं रखने के लिए जगह न होने से गुरुवार को खरीद नहीं हो सकी। कई घंटे इंतजार के बाद किसान गेहूं लदे ट्रैक्टर लेकर वापस चले गए। केंद्र प्रभारी का कहना है कि उठान न हो पाने से गेहूं रखने की जगह नहीं है।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर इन दिनों गेहूं की खरीद चल रही है। बुधवार को किसानों का गेहूं खरीदा गया था। करीब 100 क्विंटल गेहूं बाहर खुले आसमान में पड़ा है। उठान न होने से गुरुवार को केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं हुई। तमाम किसान टोकन के आधार पर गुरुवार को ट्रैक्टर में गेहूं लादकर कर आए थे।
गेहूं न खरीदे जाने से किसानों में नाराजगी रही। खरीद केंद्र प्रभारी व समिति के सचिव राजीव गोयल ने बताया कि केंद्र पर गेहूं रखने की जगह नहीं होने से खरीद बंद है। दो ट्रक बुधवार को लदवाकर भेजे गए थे। अभी पीसीएफ के गोदाम के बाहर गेहूं लदे ट्रक खड़े हैं। बूंदाबांदी होने पर केंद्र में रखा गेहूं भीग सकता है। उसको अंदर रखने की व्यवस्था कराई जा रही है।
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नसीदीपुर के किसान प्रीतम सिंह ने बताया कि उनको 13 तारीख का टोकन मिला था। वह गुरुवार को गेहूं ट्रैक्टर पर लादकर बकेवर लाए थे, लेकिन क्रय केंद्र के गेट पर ताला पड़ा था। केंद्र प्रभारी ने बताया कि जगह न होने से खरीद नहीं हो पा रही है।
ग्राम सराय इलाही निवासी किसान विमलेश कुमार ने बताया कि उनका टोकन आठ मई का था। उस दिन गेहूं लेकर आए थे, लेकिन खरीद नहीं की जा सकी। गुरुवार को भी उनका गेहूं नहीं खरीदा गया। इस कारण मजबूरी में गेहूं वापस लेकर जाना पड़ा।
ग्राम कुड़रिया निवासी सुबोध कुमार और प्रमोद कुमार आवंटित टोकन के अनुसार गेहूं लेकर आए, लेकिन खरीद केंद्र पर तौल न होने के कारण वापस लेकर जाना पड़ा। इस कारण 1500 रुपये का अतिरिक्त भाड़ा भी देना पड़ा।
ग्राम इंद्रोसी के किसान ग्रीस नारायण करीब 40 क्विंटल गेहूं ट्रैक्टर पर लादकर बेचने आए, लेकिन जगह न होने से गुरुवार को उनका गेहूं नहीं खरीदा गया। बताया गया कि गेहूं की उठान होने के बाद ही खरीद की जाएगी। इस पर वह गेहूं लदा ट्रैक्टर लेकर वापस चले गए।
गेहूं की बिक्री सरकारी खरीद केंद्र पर करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। जन सेवा केंद्र पर जाकर टोकन भी ऑनलाइन जारी करा लिए जा रहे है। जनसेवा केंद्रों से जारी ऑनलाइन टोकन से खरीद केंद्रों पर तौल की समस्या खड़ी हो रही है।
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