शहर से दस किलोमीटर दूर ग्राम फूलापुर महोला में बन रही नई जेल के निर्माण कार्य में किसानों ने अड़ंगा डाल दिया है। कुनैरा की दो महिला किसानों ने प्रस्तावित जमीन में से दो एकड़ पर अपना दावा ठोंकते हुए हाईकोर्ट में इसे सुरक्षित कराने के लिए याचिका दाखिल की है।
हाईकोर्ट के आदेश से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा है। पिछले तीन दिन से जमीन की पैमाइश चल रही है लेकिन अधिकारी अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। जेल की बाउंड्री के निर्माण का काम भी रोक दिया गया है। प्रशासन को दो माह के भीतर हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।
गौरतलब है कि सरकार ने शहर के बीचोबीच आ चुकी जिला जेल को हटाकर ग्राम फूलापुर महोला के पास बनाने का निर्णय हुआ। इसके लिए जमीन किसानों से सरकार ने अधिग्रहीत की थी। औपचारिकता पूरी करने के बाद निर्माण निगम ने कार्य शुरू कर दिया था। फिलहाल जेल की बाउंड्री बाल का निर्माण कार्य चल रहा है।
इस बीच गांव कुनैरा निवासी सरोज पत्नी अनिल कुमार और ममता पत्नी अनुज ने क्षेत्र की दो एकड़ जमीन पर दावा ठोंक दिया। दोनों महिलाओं ने हक के लिए हाईकोर्ट की शरण ली तथा गाटा संख्या 357 में रकवा दो एकड़ जमीन सुरक्षित करने की अपील की।
रिट याचिका संख्या 15523 की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीएम इटावा को दोनाें महिला किसानों की जमीन सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के बाद से ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। उपजिलाधिकारी सैफई सियाराम मौर्य राजस्व विभाग की टीम, लोनिवि, वन विभाग, जेल विभाग के अधिकारियों को जमीन की पैमाइश में लगाया गया है।
तीन दिन की कवायद के बाद भी जमीन चिह्नित करने में अधिकारियों को पसीन आ रहा है। कार्रवाई के चलते बाउंड्री निर्माण का काम भी प्रभावित हो रहा है।
जेल अधीक्षक अनुर्द्ध प्रकाश राय ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर दोनो महिला किसानों की जमीन चिह्नित की जा रही है। उनकी जमीन निर्माणाधीन जेल से सटी है या अलग है, यह जाननेे के लिए जीपीएस से चार प्वाइंट बनाए गए हैं। महिला का रकवा निकालने के लिए कार्रवाई चलने के कारण फिलहाल बाउंड्री निर्माण का काम रोक दिया गया है।