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महिला की मौत पर हॉस्पिटल में चार घंटे हंगामा

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हॉस्पिटल संचालक के बेटे को ले जाती पुलिस - फोटो : ETAWHA
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इटावा। स्टेशन रोड स्थित एक हॉस्पिटल में सोमवार दोपहर महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने परिजनों को धोखे में रख मृत महिला को सैफई रेफर करने की बात कही। हॉस्पिटल का स्टाफ स्ट्रेचर पर महिला को ओटी से बाहर लाया तो उसकी मौत हो चुकी थी। यह देख परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों ने डॉक्टर व हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर करीब चार घंटे हंगामा किया। हंगामा होने पर हॉस्पिटल का स्टाफ मौके से भाग गया लेकिन परिजनों ने हॉस्पिटल संचालक के बेटे व मौजूद तीन डॉक्टरों को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों, डॉक्टर व हॉस्पिटल संचालक के बेटे से पूछताछ की। डॉक्टर व हॉस्पिटल संचालक का बेटा गोलमोल बातें करते रहे। पुलिस ने तीनों डॉक्टरों से पूछताछ की और हॉस्पिटल संचालक के बेटे को हिरासत में ले लिया।
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भरथना के नगला गनू निवासी नीरज यादव सूरत में स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते हैं। नीरज ने बताया कि 25 वर्षीय पत्नी शिल्पी की डिलीवरी के लिए वह तीन फरवरी को सूरत से घर आ गए थे। सात फरवरी की शाम करीब सात बजे प्रसव पीड़ा होने पर नीरज पत्नी को भरथना स्थित एक निजी हॉस्पिटल ले गया और शिल्पी के पिता राजीव यादव को सूचना दी। हॉस्पिटल के डॉक्टर ने महिला को स्टेशन रोड स्थित अपने दूसरे हॉस्पिटल में भेज दिया। परिजन महिला को लेकर स्टेशन रोड स्थित हॉस्पिटल पहुंचे। आरोप है कि हॉस्पिटल में मौजूद डाक्टर ने पहले साधारण डिलीवरी की बात कही लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ऑपरेशन की बात बोलकर 50,000 रुपये की मांग की।
इस पर परिजनों ने 20,000 रुपये जमा किए व बाकी रुपये बाद में देने को कहा। नीरज ने बताया कि रविवार रात करीब दस बजे पत्नी ने ऑपरेशन के दौरान बेटे को जन्म दिया। इसके बाद डॉक्टरों व हॉस्पिटल स्टाफ ने परिजनों को महिला से मिलने नहीं दिया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने महिला से मिलने की जिद की तो तीन डॉक्टरों ने अंदर इलाज चलने की बात बोलकर बाहर रोक दिया। दोपहर करीब एक बजे डॉक्टर महिला को सैफई रेफर करने की बात बोलने लगे। परिजनों ने वजह पूछी तो डाक्टरों ने हालत गंभीर बताई।
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नीरज ने बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ पत्नी को ओटी से बाहर लेकर निकला तो उसकी सांस नहीं चल रही थी। परिजनों ने डॉक्टर से पूछताछ की तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। महिला के मृत होने की जानकारी पर परिजन हंगामा करने लगे। यह देख हॉस्पिटल का स्टाफ मौके से भाग गया लेकिन परिजनों ने हॉस्पिटल संचालक के बेटे व मौजूद तीन डॉक्टरों को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने परिजनों से जानकारी ली। हॉस्पिटल संचालक के बेटे व मौजूद तीनों डॉक्टरों से पूछताछ की तो वह गोलमोल जवाब देने लगे।
इसी बीच एसपी सिटी प्रशांत कुमार प्रसाद, सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी सिटी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि परिजनों ने डॉक्टरों पर मृत अवस्था में महिला को सैफई रेफर करने आरोप लगाया है। डॉक्टरों, हॉस्पिटल संचालक व उसके बेटे से पूछताछ की जाएगी।
प्रैक्टिस कर रहे थे तीनों डाक्टर व हॉस्पिटल संचालक का बेटा
पुलिस ने मौजूद डाक्टरों से पूछताछ की तो एक डॉक्टर ने खुद को जिला अस्पताल में प्लास्टिक सर्जन व दूसरे ने प्राइवेट इंटर्न व तीसरे ने दंत चिकित्सक व हॉस्पिटल संचालक के बेटे ने खुद को मेडिकल प्रशिक्षण प्राप्त करने की बात कही। प्लास्टिक सर्जन ने प्राइवेट हॉस्पिटलों में सर्जरी करने की एनओसी प्राप्त होने की जानकारी दी।
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