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पूर्व सभासद के भाई की गोली मारकर हत्या

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जितेंद्र वर्मा के घर पर रोते परिजन - फोटो : ETAWHA
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इटावा। नगर पालिका चुनाव की वर्षों पुरानी रंजिश में करीबगंज निवासी सपा के पूर्व सभासद के भाई को गुरुवार रात गोलियों से भून दिया गया। बाइक सवार हमलावरों ने सिर में पांच गोलियां दागी। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाके में दहशत फैल गई। सदर विधायक के आवास और पूर्व सभासद के मकान से थोड़ी दूर पर वारदात को अंजाम दिया गया।
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मौके पर पहुंची पुलिस को एक सीसीटीवी कैमरे में भागते हुए बदमाशों की फुटेज मिली है। वारदात से आक्रोशित परिजनों और कॉलोनी वालों के विरोध की वजह से पुलिस देर रात तक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास करती रही। परिजनों ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया है। पुलिस दो संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
कबीरगंज निवासी विमल वर्मा सपा से मकसूदपूरा वार्ड के पूर्व सभासद रह चुके हैं। इनका छोटा भाई जितेंद्र वर्मा उर्फ मोनू (32) ट्रांसपोर्ट का काम करता था। विमल ने बताया कि गुरुवार रात को मोनू बाइक से बाजार गया था। देर रात घर आते समय गली में पहले से घात लगाए करीब पांच से सात लोगों ने उसे रोक लिया। विरोध करने पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया। यह घटना मृतक के घर व सदर विधायक के मकान से करीब 50 मीटर की दूरी पर हुई। गोली चलने की आवाज से मोहल्ले में दहशत फैल गई।
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बेखौफ हमलावर सांसे थमने का करते रहे इंतजार
मोनू के घरवालों के मुताबिक पांचों हमलावरों ने तमंचे से उसके सिर में एक साथ गोलियां दागीं। गोली लगने के बाद वह खून से लथपथ होकर जमीन पर तड़पता रहा और हमलावर खड़े होकर उसकी सांसें थमने का इंतजार करते रहे। इस बीच घरवाले पहुंचे तो हमलावर भाग निकले। तबतक मोनू की सांसें टूट चुकी थीं। हत्या की सूचना पर एसपी सिटी प्रशांत कुमार, सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह, सदर कोतवाल बचन सिंह सिरोही पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक का शव गली में पड़ा था। फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य एकत्र किए।
एसपी ने मृतक की पत्नी प्राची व भाई विमल से पूछताछ की। मोनू की पत्नी प्राची ने पीछे मोहल्ले में रहने वाले पांच लोगों के खिलाफ चुनावी रंजिश के चलते हत्या करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने दो संदिग्धों समेत कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी सिटी प्रशांत कुमार ने बताया कि चुनावी रंजिश के चलते हत्या की बात प्रकाश में आई है। मृतक की पत्नी के आरोपों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
2012 से है दोनों परिवारों में रंजिश
विमल वर्मा सन 2012 में सपा से सभासद बने थे। बताया कि आरोपी बेटू चौधरी भी चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गया था, वो भी सपा का समर्थन चाहता था लेकिन उसे विमल की वजह से समर्थन नहीं मिल सका था। तब से दोनों परिवारों में रंजिश की बात पता चली है। इस बार मोनू नगर पालिका चुनाव की तैयारी कर रहा था। मोनू की क्षेत्र में अच्छी जान पहचान थी और लोगों का समर्थन भी था। विमल का आरोप है कि इस बार भी पालिका चुनाव में हारने के डर से बेटू चौधरी ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी।
तीन माह पहले हुई थी पिता की मौत
पक्का बाग में विमल के पिता मदन लाल गुप्ता का ट्रांसपोर्ट है। तीन माह पहले उनकी मौत होने के बाद से ट्रांसपोर्ट का काम मोनू ही देख रहा था। इनके पास वाहन कोई नहीं थे लेकिन वाहनों को पास करवाने का कमीशन मिलता था। इ लिए इन्होंने धीरे-धीरे ट्रांसपोर्ट की दुकान खोल ली थी।
झगड़ा होने पर अक्सर देता था जान से मारने की धमकी
मृतक के दोस्तों व मोहल्लों वालों ने बताया कि मोनू को शराब पीने की आदत थी। किसी से झगड़ा होने पर उसको जान से मारने की धमकी दे देता था। कुछ दिनों पहले भी उसने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी थी। इस दौरान उसका झगड़ा भी हुआ था। झगड़े के दौरान उसने दोस्तों को जान से मारने की धमकी दी थी। मोनू की यह आदत उसके दोस्त जानते थे। इसलिए वह ध्यान नहीं देते थे। सूत्रों के मुताबिक एक माह पहले मोनू का आरोपी पक्ष से भी विवाद हुआ था।
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