बर्फीली हवाओं के चलने से सोमवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। भीषण सर्दी और सर्द हवाओं ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले रखा है। घने कोहरे और हाड़कपाऊ सर्दी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। पारा लुढककर 4.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि अधिकतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बीते दिनों से खुशनुमा बना मौसम अचानक रविवार की रात से बदल गया। शाम ढलते ही घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने पूरे जिले को अपने चपेट में ले लिया। बर्फीली हवाओं ने लोगों को गलन भरी सर्दी का अहसास कराया। शासन द्वारा 28 दिसंबर तक छुट्टी किए जाने के बाद सोमवार को स्कूल खुले तो बच्चे घरों से कांपते हुए निकले।
दिनभर कोहरा और बादलों के छाये रहने के कारण सूर्यदेव ने दर्शन तक नहीं दिए। सर्दी बढ़ने से आम पब्लिक के कामकाज प्रभावित हो गए। देर तक लोग घरों में रजाई में दुबके रहे। घने कोहरे के कारण हाइवे पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। कई वाहन चालकों ने कोहरे के कारण वाहनों को ढाबा आदि पर खड़ा करके मौसम साफ होने का इंतजार किया।
ट्रेनों ने यात्रियों को जमकर छकाया
घने कोहरे के कारण ट्रेन यातायात सोमवार को बुरी तरह प्रभावित नजर आया। दिल्ली की ओर जाने वाली गोमती एक्सप्रेस सात घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस 18 घंटे, मगध एक्सप्रेस 15 घंटे, तूफान छह घंटे, नार्थईस्ट तीन घंटे, महानंदा एक्सप्रेस के 26 घंटे देरी से आने की सूचना रेलवे ने दी।
इसी तरह कानपुर की ओर जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस छह घंटा, शताब्दी एक्सप्रेस पांच घंटा, कैफियत एक्सप्रेस 14 घंटा, नार्थईस्ट एक्सप्रेस 28 घंटा, कालका एक्सप्रेस तीन घंटा तथा ऊंचाहार एक्सप्रेस के 12 घंटे देर से आने की सूचना रेलवे ने दी। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण पूछताछ खिड़की पर यात्रियों की भीड़ जमा रही। स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री सर्दी से बेहाल होते रहे।