- संवाद न्यूज एजेंसी की टीम में नहीं किया गया इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। राज्य परिवहन की बसों में त्वरित चिकित्सा के लिए लगाई जाने वाली पेटियों (फर्स्ट एड बॉक्स) की पड़ताल की गई तो अधिकतर बसों में बदतर हाल दिखाई दिए। सोमवार को इटावा बस स्टैंड पर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स को खोल कर देखने पर परिवहन निगम के दावे हवा-हवाई साबित हुए। किसी बस में बॉक्स टूटा पड़ा मिला तो किसी में नहाने और कपड़े धोने वाले साबुन रखे मिले। यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। बसों के चालक और परिचालक से इसके बारे में जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि चिकित्सा किट मिले लंबा समय बीत गया है। विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है। इस वजह से बस कर्मी भी इसको लेकर उदासीन रहते हैं।
फोटो 24- फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं
केस 1- यूपी राज्य परिवहन की बस संख्या यूपी 76 टी 6794 में अंदर जाकर प्राथमिक उपचार पेटी को खोल कर देखा गया तो उसमें नहाने और कपड़े धोने वाले साबुन रखे मिले। जब चालक और परिचालक से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जरूरत की चिकित्सा सामग्री के लिए बॉक्स है लेकिन उपचार की वस्तुएं समय पर नहीं मिलती। पिछली बार जो किट मिली थी वह पूर्व में यात्रियों के त्वरित इलाज में इस्तेमाल हो चुकी है।
फोटो 25:::फर्स्ट एड बॉक्स मिली धूल की परत
केस 2- इटावा बस स्टैंड पर खड़ी यूपी राज्य परिवहन की बस संख्या यूपी 78 केटी 2768 में पड़ताल के दौरान फर्स्ट एड बॉक्स खाली मिला। बॉक्स में धूल की परत मिली। चालक की सीट के पीछे उपचार पेटी का बॉक्स तो था लेकिन उसमें त्वरित चिकित्सा की जरूरत का कोई सामान नहीं था।
फोटो 26:::: खाली पड़ी प्राथमिक उपचार पेटी
केस 3- यूपी राज्य परिवहन की बस संख्या यूपी 78 एचटी 3323 में जब अंदर जाकर पड़ताल की गई तो बॉक्स तो था लेकिन उसके अंदर भी चिकित्सा की कोई सामग्री उपलब्ध नहीं थी। यह साफ दर्शा रहा है कि बस में यात्रा करने वाले लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति परिवहन विभाग की लापरवाही किस कदर चल रही है।