दोपहर बरसती आग में चेहरा ढककर स्कूल जातीं छात्राएं।
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इटावा। जिले में दो मई को पारा 46 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। दिन में तेज धूप से तो लोगों का घर से निकलना भी दूभर हो गया। दोपहिया सवारों का तो और बुरा हाल था। उनका चेहरा और बदन तो बंद था लेकिन खुले हाथ तपिश से झुलस रहे थे। दोपहर में छुट्टी के बाद स्कूल से घर जाने वाले बच्चे भी कड़ी धूप से परेशान थे।
दो मई अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। तीन दिन पूर्व की तुलना में तापमान चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। दोपहर आग बरसने का संकेत सोमवार की सुबह ही लोगों को मिल गया था। यह एहसास लोगों को सुबह नौ बजे ही तब हो गया जब तापमान 39 डिग्री पर पहुंच गया। जैसे जैसे दिन चढ़ा हालत और बिगड़ती गई और दोपहर एक बजे तक तापमान अपने चरम पर 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। चढ़े पारे से सभी का बुरा हाल रहा। सड़क पर पैदल चलने वाले भी धूप से परेशान थे। उनके जूते और चप्पल भी पप रहे थे। राहगीर सड़क किनारे पेड़ों की छांह खोज रहे थे। दोपहिया वाहन सवारों का और भी बुरा हाल रहा। तेज धूप हाथ, पैरों को झुलसा रही थी। लोग खुद को पूरी तरह से ढककर घर से बाहर निकले।