लवेदी (इटावा)। लखना कस्बा में सोमवार सुबह बीहड़ के करीब 70 बीघा जंगल में आग लग गई। आग की लपटें निकलती देख ग्रामीण व पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने पुलिस व ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। उधर, जसवंतनगर कोतवाली क्षेत्र के धरवार गांव में कंडों के ढेर में आग लगने से तीन भैंस झुलस गईं।
लखना कस्बा के नगला कले गांव में सोमवार सुबह बीहड़ के जंगल में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना पर लखना चौकी प्रभारी चिंतन कौशिक व डायल 112 पहुंची। तब तक आग प्रताप सिंह की नरिया जंगल तक फैल गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि दमकल कर्मी गांव तक आग आने का इंतजार करने लगे और जंगल की आग में पानी न बर्बाद करने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने दमकलकर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। यमुना पट्टी के किशोर, अशोक, रामनरेश ने बताया कि करीब 70 बीघा जंगल में आग लगी थी। सुबह 11:30 बजे लगी आग पर एक बजे काबू पाया जा सका।
उधर, जसवंतनगर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गापुरा गांव में कंडों के ढेर में आग लग गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। गांव की लाडो देवी ने बताया कि आग लगने से पास में बंधीं तीन भैंसें झुलस गईं। साथ ही झोपड़ी में रखा अन्य सामान भी जल गया। सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल अनूप यादव, राजेश कुमार, नागेंद्र सिंह व अरुण कुमार ने मौका मुआयना किया। लेखपाल राजेश कुमार ने लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई है।