इटावा। चौबिया थाना क्षेत्र में एक युवक को बाइक एजेंसी पर बंधक बनाकर दबंगों ने बेरहमी से पीटा। आरोप है कि पुलिस ने न्याय देने के बजाय पीड़ित का ही शांति भंग में चालान कर दिया। अब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में के बाद पुलिस ने तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
अंशुल कठेरिया निवासी बरालोकपुर को बीते 24 अप्रैल को गांव के ही कुछ लोगों ने स्थानीय बाइक एजेंसी पर बुलाया। आरोप है कि वहां अंशुल को बंधक बना लिया गया और फिर लात-घूसों व डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। मारपीट के बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए।
घटना के बाद जब पीड़ित न्याय की गुहार लेकर चौबिया थाने पहुंचा, तो पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आया। बताया जा रहा है कि थाना पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित अंशुल कठेरिया और एजेंसी संचालक का ही शांति भंग के तहत चालान कर दिया। थाना इंचार्ज की इस एकतरफा कार्रवाई से स्थानीय जनता और दलित समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
मामला तूल पकड़ते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने घटना का संज्ञान लिया। एसएसपी के कड़े निर्देश के बाद बीती रात थाना चौबिया में तीन नामजद समेत पांच के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और मारपीट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है, साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।