इटावा। उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस विभाग में पदोन्नति के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने के आरोप में ललितपुर में तैनात दरोगा व हेड कांस्टेबल पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होते ही जांच शुरू कर दी है।
प्रधान लिपिक शाखा में तैनात दरोगा सुनीता सचान ने इस मामले में तहरीर दी। उनके आधार पर ललितपुर में तैनात दरोगा रमेश चंद्र के खिलाफ कार्रवाई की गई। बताया गया कि रमेश चंद्र पहले मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात थे। साल 2024 में उनकी पदोन्नति होकर दरोगा बनाए गए थे। कानपुर देहात के थाना अकबरपुर क्षेत्र के ग्राम नबीपुर निवासी बृजेन्द्र कुमार ने शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया था कि रमेश चंद्र ने पदोन्नति के दौरान अपने खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मुकदमे की जानकारी छिपाई है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तर पर जांच के आदेश दिए गए। जांच में सामने आया कि वर्ष 1999 में थाना अकबरपुर कानपुर देहात में रमेश चंद्र के खिलाफ अपहरण, मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा। वर्ष 2007 में इस मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ समन भी जारी किए गए। बाद में वर्ष 2017 में रमेश चंद्र न्यायालय में पेश हुए, जहां से उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई। अदालत ने उन्हें दो-दो 80 हजार रुपये की जमानत और निजी मुचलके पर रिहा किया था। सीओ की जांच में सामने आया कि रमेश चंद्र ने पदोन्नति के समय दिए गए स्व-घोषणा पत्र में इस पुराने मुकदमे का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।
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पदोन्नति में तथ्य छिपाने पर हेड कांस्टेबल पर प्राथमिकी
सहायक उप निरीक्षक राजकुमार की ओर से सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में दर्ज एक पुराने आपराधिक मुकदमे के बावजूद उनकी पदोन्नति रोक दी गई, जबकि उसी मामले में नामजद जितेन्द्र बजाज को मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नति दे दी गई। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की प्रारंभिक जांच सीओ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि जितेन्द्र बजाज के खिलाफ थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में वर्ष 2016 में लापरवाही बरतने की धारा में प्राथमिकी दर्ज है जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्होंने 10 मार्च 2025 को दिए गए अपने स्व-घोषणा पत्र में इस मामले का उल्लेख नहीं किया था। इस पर यह कार्रवाई हुई है। प्राथमिक दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच कर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है।