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चुनाव बाद होगी आरपार की लड़ाई

Tue, 31 Jan 2017 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते शिवपाल सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी में चल रहा सियासी घमासान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सपा में दो फाड़ होने के अंकुर फूट गए हैं। 11 मार्च के बाद प्रदेश में  शिवपाल सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आमने सामने होंगे। शिवपाल ने इटावा से इसका ऐलान कर दिया है। वह भी नेताजी के नाम सम्मान की दुहाई देकर। एक के बाद एक कई आंतरिक हमले झेलने के बाद सपा में हाशिए पर पहुंच चुके शिवपाल के लिए नई पार्टी बनाना सियासी मजबूरी बन गई है। माना जा रहा है कि असली संघर्ष अब 11 मार्च के बाद होगा।
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सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह ने नई पार्टी बनाने का इटावा से ऐलान किया है। यह महज संयोग नहीं है बल्कि सोची समझी रणनीति है। वह पहले इटावा के लोगों को विश्वास में लेना चाहते थे। इसी वजह से दो दिन पहले बुलाने पर प्रचार करने की बात कही और मंगलवार को खुलेतौर पर बगावत का ऐलान किया। यह ऐलान भी नेताजी के मान और सम्मान की दुहाई देकर किया है। खास बात यह है कि इस समारोह में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव मौजूद नहीं थे, लेकिन आमतौर पर सियासी मंच से दूर रहने वाले उनके भाई अभयराम यादव भी मौजूद रहे। सांसद तेज प्रताप सिंह यादव भी इसी मंच पर नजर आए। माना जा रहा है कि शिवपाल सिंह यादव ने नई पार्टी बनाने का मन चुनाव आयोग की ओर से अखिलेश यादव को साइकिल सौंपे जाने के बाद ही बना लिया था। बस तलाश भी मौके की। क्योंकि अखिलेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पूरी पार्टी मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव के हाथ से फिसल गई। इसके बाद शिवपाल सिंह समर्थक रघुराज सिंह शाक्य एवं सुखदेवी वर्मा का टिकट कटने के बाद शिवपाल सिंह जिले में सपा के बीच ही अलग थलग पड़ने लगे। उन्होंने भी राजनीति की बिसात पर नई चाल चली। शिवपाल सिंह को पहले 30 जनवरी को नामांकन करना था। नामांकन के दिन ही शिवपाल अपने समर्थकों के बीच नई पार्टी का ऐलान करना चाहते थे। नामांकन का एक दिन शेष बचता था। ऐसी स्थिति में रणनीतिकारों को अंदेशा था कि जसवंतनगर से सपा सीट बदलने की चाल चल सकती है। अब शिवपाल सिंह यादव के पाले में गेंद हैं।  वे चाहें तो सपा के सिंबल पर चुनाव लड़े अथवा निर्दलीय। यदि सपा उन्हें अपना प्रत्याशी बनाने से इंकार करती है तो वे निर्दलीय हो जाएंगे।

परिवार भी दिखाया साथ
शिवपाल सिंह यादव की  नामांकन सभा  उनके बडे़ भाई अभयराम सिंह यादव, राजपाल सिंह यादव, बहनोई डा. अजंट सिंह यादव एवं प्रधान सैफई दर्शन सिंह यादव, पौत्र तेज प्रताप सिंह यादव एवं पुत्र पीसीएफ चेयरमैन आदित्य यादव अंकुर पहुंचें। शिवपाल सिंह यादव ने मीडिया की ओर इशारा किया कि  देख लो परिवार के सभी बड़े छोटे यहंा मौजूद हैं। अभयराम सिंह यादव बदायूं सांसद धर्मेंद्र यादव के पिता एवं राजपाल सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव के पिता हैं। हालांकि यहां न तो अंशुल दिखे और न ही धर्मेंद्र यादव। जिले के पुराने समाजवादी नेता पूर्व विधायक चौ महेंद्र सिंह यादव, उमेश दीक्षित, धीरेंद्र चौबे, अशोक यादव, रवींद्र सिंह चौहान, रामनरेश यादव, शिवप्रताप भदौरिया, अजय भदौरिया, पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व विधायक सुखदेवी, रामनाथ सिंह यादव, अभयराम सिंह यादव, जयराज सिंह यादव ने शिवपाल सिंह यादव को भविष्य की उम्मीद और भविष्य का चेहरा बताया।
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प्रदेश के कई नेता भीहुए शामिल
शिवपाल सिंह की नामांकन सभा में हरदोई जिले के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक बाजपेई, फतेहपुर के पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक, राजेश यादव हरदोई, सीमा पटेल, मानिक चंद्र यादव, अमित जोनीे, पिंटू राना आदि भी शामिल हुए।
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