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Etawah News: जोड़ लगे जर्जर केबल व झुके खंभों से हादसों की आशंका

Wed, 19 Jul 2023 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। वैसे तो लगभग पूरे शहर की लगभग हर गली मोहल्ले के बाशिंदे बिजली की किसी न किसी समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन कुछ मोहल्ले ऐसे हैं, जहां लोग जगह-जगह जोड़ लगे केबल, नीचे से गले व झुके बिजली के खंभे हादसों को दावत दे रहे हैं। इस वजह से आए दिन फाल्ट से असमय बिजली गुल होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन मोहल्लों में विशुन बाग, गाड़ीपुरा नाला, मुफ्ती टोला, शामत गाड़ीपुरा आदि क्षेत्र शामिल हैं। लोगों का कहना है कि बिल तो जमा करते हैं पर बिजली के लिए दिक्कतें उठानी पड़ती है।
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शहर की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए रिवैंप योजना के तहत केंद्र सरकार से 47 करोड़ रुपये मिले हैं। इस योजना के तहत जर्जर केबल व जर्जर बिजली के खंभे बदले जाने हैं। यह कार्य कोलकाता की एक कंपनी को सौंपा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन कहां पर यह विभागीय अधिकारियों को भी नहीं पता और न कपंनी के लोग कुछ बता रहे हैं। यही वजह है कि शहर के जिन मोहल्लों में रिवैंप योजना के तहत पहले कार्य शुरू कराना था, वहां कंपनी के लोग सर्वे तो कर चुके हैं, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं किया है। इस वजह से शहर के कई मोहल्लों के लोग जोड़ लगे केबल, झुके व जर्जर बिजली के खंभों से परेशान हैं। उन्हें हर समय अनहाेनी की आशंका सताती रहती है।
क्षेत्रीय निवासी हसीन वारसी ने बताया कि करीब सात- आठ साल पहले केबल पड़े थे। उसके बाद से केबलों में काफी जोड़ हो गए हैं, बावजूद तार नहीं बदले जा रहे हैं। इस वजह से आए दिन जोड़ से चिंगारी निकलती रहती है। फाल्ट होने से बिजली चली जाती है। फोन करने पर कर्मचारी जल्दी फोन नहीं उठाते। इस वजह से घंटों बिजली आने का इंतजार ही करना पड़ता है।
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विशुन बाग निवासी मोहम्मद अशफाक ने बताया कि मोहल्ले की केबलें इतनी ज्यादा जर्जर हो चुकी हैं कि हर समय उनके टूटने और हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद केबल बदलने की बजाए जोड़ लगाकर काम चलाया जा रहा है। बारिश का मौसम होने की वजह से हर समय किसी अनहोनी की आशंका सताती रहती है। लोग डरे सहमे रहते हैं
व्यवसायी संजय यादव का कहना है कि छज्जे से होकर बिजली के केबलें निकले हैं, जो जर्जर हैं। कभी-कभी छज्जे से टकराने पर करंट आ जाता है। बारिश का मौसम होने की वजह से और ज्यादा खतरा बढ़ गया है। कई बार बिजली विभाग से केबल कसे जाने की मांग की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बारिश में छज्जे में करंट न उतरे इसके लिए बांस लगा रखा है ताकि तार छज्जे से न टकराए।

गाड़ीपुरा चौराहा निवासी सुनील कुमार का कहना है कि क्षेत्र में कई बिजली के खंभे नीचे से गलने के बाद झुक गए हैं। उन्हें बदले जाने की जरूरत है, जिससे किसी तरह की कोई घटना न हो। खंभों के साथ-साथ केबलों का हाल यह है कि वह भी झुके जा रहे हैं। इसके बावजूद बिजली विभाग इन्हें बदल नहीं रहा है। विभागीय स्तर पर शिकायत की गईं, काेई ध्यान नहीं दिया गया।

वर्जन
शहर में बिजली व्यवस्था के सुधार के लिए केंद्र सरकार से रिवैंप योजना के तहत 47 करोड़ रुपये मिले हैं। शहर में अभी मानिकपुर, फ्रेंड्स कॉलोनी, शकुंतला नगर में रिवैंप योजना के तहत जर्जर तार व जर्जर बिजली के खंभे बदले जाने का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही जहां दो पोलों के बीच की दूरी ज्यादा हैं बीच में नया पोल भी लगा रहे हैं। दो साल के अंदर कार्य पूरा करने का लक्ष्य मिला है। -देवाशीष, मैनेजर, रिवैंप योजना।
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