इटावा। मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई है। इसको देखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों को जल संरक्षण और फसलों की सुरक्षा के लिए सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने की सलाह दी है। विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत विभिन्न सिंचाई संयंत्रों पर 65 से 90 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ लेने की अपील की है।
जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि कम वर्षा होने की स्थिति में फसल की पैदावार प्रभावित होने के साथ भूगर्भ जलस्तर में भी गिरावट आ सकती है। जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए रेनगन, पोर्टेबल स्प्रिंकलर, मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली सबसे प्रभावी विकल्प हैं। उन्होंने बताया कि इन आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के उपयोग से 25 से 40 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। वहीं, फसलों की उत्पादकता में कम से कम 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। योजना के तहत रेनगन और पोर्टेबल स्प्रिंकलर पर 65 से 75 प्रतिशत तथा मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई संयंत्रों पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। बताया कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक किसान कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, कंपनी बाग, इटावा में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।