इटावा। हाईटेक नर्सरी में पौधों की गुणवत्ता की जानकारी के लिए जनपद के तीन गांवों के 50 किसानों ने कन्नौज के उमर्दा में सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण किया।
ताखा ब्लॉक के रमपुरा, ब्लॉक भरथना के मुबारकपुर व नगला पटु गांव के किसान फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कृषि वैज्ञानिकों के साथ तीन दिवसीय दौरे पर उमर्दा गए हैं। पहले दिन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल प्रभारी डॉ.बीएस यादव ने किसानों को हाईटेक नर्सरी व पौधों की गुणवत्ता के बारे में जानकारी दी। तरबूज, खरबूज, लौकी, खीरा, कद्दू आदि की नर्सरी का भ्रमण कराया। किसानों को पीली गोभी की नर्सरी भी दिखाई। बताया कि वह अपना बीज लाकर भी नर्सरी लगा सकते हैं।
किसान को अपना बीज देने पर एक रुपये में एक पौधा मिलेगा। न देने पर पौधा दो रुपये में मिलेगा। ऑर्डर देकर भी नर्सरी प्राप्त कर सकते हैं। बताया कि शिमला कलर मिर्च का एक पौधा 18 रुपये में, सामान्य पौधा दो रुपये में प्राप्त कर सकते हैं। जबकि तरबूज व खरबूज का एक-एक पौधा सात-सात रुपये में प्राप्त कर सकते हैं।
जिला कृषि विज्ञान केंद्र इटावा से गए कृषि वैज्ञानिकों में डॉ.विजय बहादुर जायसवाल, डॉ.एमके सिंह, डॉ.राजेश राय शामिल रहे।