इटावा। उत्तर प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आलू और गेहूं बोने वाले किसान दोनों फसल की गुणवत्ता सुधारने के लिए वर्मी कंपोस्ट का सहारा लें। एक एकड़ में पांच बोरी कंपोस्ट डालें। यूरिया और डीएपी से उपजाऊ भूमि को नुकसान होता है। इसलिए गोमूत्र एकत्र कर उसका खेतों में छिड़काव करें। इससे खेत की मिट्टी ताकतवर होगी। किसान गाय जरूर पालें। ये बातें उन्होंने मंगलवार को विकास भवन सभागार में आलू तथा लहसुन के निर्यात के संवर्द्धन एवं फूड प्रोसेसिंग उद्योग संबंधी रणनीति के लिए आयोजित कार्यशाला में कही। कार्यशाला का आयोजन जिला उद्योग केन्द्र उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की ओर से किया गया।
राज्यमंत्री ने कहा कि आलू पैदावार मेें यूपी देश का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां 155 लाख मीट्रिक टन आलू होता है। इनमें से 75 लाख मीट्रिक टन खाने में इस्तेमाल होता है। 10 लाख मीट्रिक टन आलू से चिप्स बनाया जाता है। 20 लाख मीट्रिक टन बुआई में प्रयोग किया जाता है। 50 लाख मीट्रिक टन आलू जो बचता है, इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है कि जहां पर 20 से 30 रुपये किलो बेचा जाता है वहां भेजा जाए। प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को राहत प्रदान करते हुए निर्यात किए जाने वाले भाड़े में 25 प्रतिशत की छूट दी है। साथ ही मंडी शुल्क के रूप में लगने वाले दो सौ रुपये भी माफ कर दया है। बताया प्रदेश में कुल 1825 शीत गृह हैं।
कार्यशाला में आलू एवं लहसुन उत्पादककिसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रदेश में पहली बार आयोजित हुई कार्यशाला में इटावा के अलावा आगरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर समेत अन्य जिलों के किसानों के अलावा विषय विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में ज्वांइट मजिस्ट्रेेट कविता मीणा, सीडीओ पीके श्रीवास्तव, डिप्टी कमिशभनर उद्योग विजय सिंह परिहार, डिप्टी डायरेक्टर उद्यान घनश्याम यादव, विशेषज्ञ वाईएस गर्ग, आरजी सुमन ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यशाला में भाजपा के उपाध्यक्ष एवं बुदेखंड प्रभारी पर्वत सिंह यादव, भरथना विधायक के प्रतिनिधि धर्मेंद्र कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे ने किसानों की ओर से पूछे गये सवालों का जवाब भी दिया गया।
शीत गृह बढ़ाएं : डीएम
कार्यशाला में डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि इटावा और आस-पास के जनपद आलू उत्पादक क्षेत्र हैं फिर भी एक महीने का रेट दूसरे महीने नहीं मिलता। कहा कि वर्ष 2017-18 में आलू का उत्पादन भी कम ही हुआ है। उद्योग लगाने के लिए आठ विभागों से पहले एनओसी लेनी पड़ती है। बताया जिले में 52 शीतगृह हैं। उन्होंने शीत गृह की संख्या बढ़ाने की बात भी कही।
इटावा में लगे आलू का प्लांट : सरिता भदौरिया
सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि इटावा में आलू का प्लांट लगे। जिससे आलू किसानों को राहत मिल सके। साथ ही कहा कि जानकारी लेने पर पता चला कि आलू पांच रुपये किलो बिक रहा है। जबकि लागत इससे कहीं अधिक है। ऐसे में लागत और मेहनत को जोड़कर देखें तो किसानों को उचित मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के एजेंडे में किसान प्राथमिकता पर हैं। प्रदेश सरकार 60 हजार किसानों का कर्ज माफ कर चुकी है।