फोटो 28::वायरल वीडियो एआरटीओ की गाड़ी घेरे किसान संगठन के पदाधिकारी। स्रोत-वीडियो
इटावा। एआरटीओ ने आलू लदी पिकअप को दौड़ा लिया। नवीन मंडी समिति के बाहर उसको पकड़ लिया। कहासुनी के बाद आरोप है कि एआरटीओ ने वीडियो बनाने पर गाड़ी चला रहे किसान का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया और पांच हजार रुपये मांगे। किसान ने भाकियू के पदाधिकारियों से शिकायत कर दी। भाकियू जिलाध्यक्ष की अगुवाई में काफी संख्या में पदाधिकारी मंडी समिति पहुंच गए। यहां उन्होंने एआरटीओ की गाड़ी को घेर लिया। फ्रेंडस कॉलोनी पुलिस के पहुंचने पर मामले का रफा-दफा कर दिया गया। सोमवार को पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो 19 फरवरी का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार विधूना निवासी किसान 19 फरवरी को पिकअप में आलू पैकेट लेकर इटावा मंडी बेचने आ रहा था। एआरटीओ प्रदीप कुमार भरथना-विधूना मार्ग पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। एआरटीओ ने पिकअप को रोकने को इशारा किया इस दौरान किसान ने पिकअप भगा दी। आरोप है कि एआरटीओ ने उसका नवीन मंडी समिति तक पीछा गया। साथ ही उसकी पिकअप के आगे गाड़ी लगाकर गाड़ी रोक ली।
किसान के विरोध करने पर दोनों में गहमागहमी हुई। आरोप है कि एआरटीओ ने चालान न करने पर पांच हजार रुपये मांगे। किसान ने इसकी जानकारी भाकियू जिलाध्यक्ष संजेश को दी। वह काफी संख्या में पदाधिकारियों को लेकर नवीन मंडी समिति पहुंच गए। किसान को रोता देख उन्होंने एआरटीओ की गाड़ी को घेर लिया। इसकी जानकारी फ्रेंडस कॉलोनी पुलिस को हुई। वह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। किसान ने जब इसका वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया।
पुलिस ने किसी तरह हालात को संभाला और एआरटीओ को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। फ्रेंडस कॉलोनी थानाध्यक्ष अमित मिश्रा ने बताया कि एआरटीओ व किसान पदाधिकारियों ने गाड़ी चेकिंग के नाम पर कहासुनी हो गई थी। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया था। वहीं, भाकियू जिलाध्यक्ष संजेश ने बताया कि एआरटीओ को अपराधियों की तरह किसान का पीछा नहीं करना चाहिए। उसका मोबाइल भी तोड़ दिया, साथ ही पांच हजार रुपये मांगे जो गलत है। जल्द ही एआरटीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उसका संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा। वहीं, एआरटीओ प्रदीप कुमार को तीन बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर एआरटीओ ने किसान का मोबाइल तोड़ा है और रुपये मांगे है तो इस बाबत उनसे पूछताछ की जाएगी। साथ ही मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-राहुल श्रीवास्तव, आरटीओ कानपुर मंडल।