दो दिन से जेल में उपद्रव के चलते बंदियों से उनके परिजनों की मुलाकात बंद हैं। बंदियों के परिजनों ने सोमवार को भी मुलाकात के लिए सुबह से ही पर्चियां लगाईं, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं सकी। इससे गुस्साए मुलाकातियों ने जेल गेट के पास नारेबाजी कर हंगामा काटा। बाद में पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर लौटा दिया।
जिला जेल में निरुद्ध बंदियों के परिवारीजन उनसे मुलाकात के लिए आ रहे हैं, लेकिन जेल में चल रहे हंगामे के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पा रही है। इससे मुलाकातियों में आक्रोश रहा। सोमवार को भी उन्होंने पर्चियां लगाईं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
काफी इंतजार के बाद उन्हें बताया गया कि आज मुलाकात नहीं होगी। इस पर उन्होंने हंगामा काटा। भिवाड़ी राजस्थान से आई ज्योति, रूरूगंज औरैया से आईं श्यामवती, मेरठ की अनीता, औरैया के वीरेंद्र सिंह, दिबियापुर के शिवकुमार तथा आगरा से आए बृजेंद्र सिंह ने बताया कि वह जेल में बंद अपने परिजनों से मिलने के लिए रविवार को भी आए थे।
उन्होंने पर्ची लगाई, साथ ही जेल में निरुद्ध अपने परिजनों को देने के लिए खाने पीने का सामान भी खरीदा, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। सोमवार को भी पर्ची लगाई। काफी इंतजार के बाद मुलाकात कराने से मना कर दिया गया। इससे उनके समय, पैसे की बर्बादी हुई।
आक्रोशित मुलाकातियों ने जेल गेट के पास हंगामा किया। नारेबाजी की जानकारी होने पर एसओ सिविल लाइन विनोद यादव फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। बाद में मुलाकाती बैरंग लौट गए।
जेल में उपद्रव के कारण बंदियों को पेशी पर भी नहीं ले जाया जा सका। सोमवार को उनकी विभिन्न अदालतों में पेशी थी। पेशी पर ले जाने के लिए पुलिस लाइन से फोर्स के अलावा गाड़ियां भी जेल पहुंची, लेकिन उपद्रव के कारण उन्हें जेल से बाहर नहीं निकाला गया।
जेल में चल रही गतिविधियों से बाहर के लोगों और मीडिया को अवगत कराने के लिए बंदियों ने सोमवार की सुबह मेहरोत्रा गैराज की ओर कट्टियां और जूतों में रखकर पर्चियां बाहर फेंकी। उधर से गुजर रहे राहगीरों ने जेल के अंदर हो रही नारेबाजी और पर्चियां गिरने के बाद मीडिया के लोगों को सूचना दी। मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वहां पड़ी पर्चियां देखीं। बाद में कैदी जेल की दीवार पर चढ़ गए और चारों ओर पर्चियां फेंकने लगे।
पिछले दो दिन से जेल में चल रही भूख हड़ताल और उपद्रव की जानकारी पर जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बंदियों से वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
सोमवार की सुबह पुरुष बैरक से निकलकर महिला बैरक की ओर जा रहे डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ तथा अन्य अफसरों से मीडियाकर्मियों ने अंदर चल रही गतिविधियों के बारे में सवाल किए तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अभी बातचीत चल रही है। अगर कोई हल निकलता है तो अवगत कराया जाएगा।