फाेटो 03:: जानकारी देते डीबीए के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी। स्रोत-डीबीए
- 2010 के बाद पंजीकृत वकीलों को अंतिम मौका, 30 जून तक जमा करने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) ने 2010 के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत अधिवक्ताओं को सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) नंबर जमा करने के लिए 30 जून 2026 तक का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित तिथि तक नंबर उपलब्ध न कराने वाले अधिवक्ताओं की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी और महामंत्री नितिन तिवारी ने बताया कि 18 जून को आयोजित कार्यकारिणी बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे पहले सीओपी नंबर जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई थी लेकिन कई अधिवक्ताओं द्वारा अब तक नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने कहा कि 2010 से 31 दिसंबर 2020 तक बार काउंसिल में पंजीकृत ऐसे अधिवक्ता, जिन्होंने अभी तक अपना सीओपी नंबर डीबीए कार्यालय में जमा नहीं किया है, उन्हें 30 जून तक हर हाल में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। तय समय के बाद भी नंबर जमा न करने पर यह माना जाएगा कि संबंधित अधिवक्ता विधि व्यवसाय करने के इच्छुक नहीं हैं और उनकी डीबीए सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। बार पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जुलाई 2026 से बिना सीओपी नंबर वाले अधिवक्ताओं का कोई भी वकालतनामा न्यायालयों में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में कोषाध्यक्ष एडवोकेट प्रभाकर त्रिपाठी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।