जिले में नहरों, रजबाह और माइनरों पर बनी 493 पुलिया टूटी पड़ी हैं। इन पुलिया से होकर ज्यादातर रास्ते गांवों को जाते हैं। पुलिया टूटी होने से ग्रामीणों को चक्कर लगाकर जाना पड़ता है।
अभी तक नहर विभाग बजट का रोना रोता रहता था लेकिन इस बार सरकार ने बजट दे दिया तब भी मरम्मत के काम शुरू नहीं कराए जा रहे हैं।
संवाद प्रतिनिधि महेवा के अनुसार ग्राम पंचायत बहेड़ा और महेवा के मध्य अमावता रजबाह पुलिया टूटी है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
गांव बहेड़ा के धीरू तिवारी और राम मिश्रा ने बताया कि दो माह में कई बार नहर विभाग में शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
संवाद प्रतिनिधि चकरनगर के अनुसार लखना सिंडोस मार्ग पर स्थित चंबल पुल के निकट ढकरा पुलिया वर्ष 2018-19में चंबल नदी में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई थी।
अभी तक पुलिया बनाई नहीं गई है। संवाद प्रतिनिधि ताखा के अनुसार भरथना-ऊसराहार मार्ग पर रजबाह की पुलिया टूटी होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। लोगों ने कई बार जिलाधिकारी से टूटी पुलिया और रेलिंग ठीक कराने की मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
भरथना-ऊसराहार सड़क मार्ग पर समथर के पास रजबाह के पुल की रेलिंग तीन माह पहले वाहन की टक्कर से टूट गयी थी। आए दिन वाहन और लोग फिसलकर रजबाह में गिर जाते हैं। एक सप्ताह पूर्व बाइक गिरने से बिधूना क्षेत्र के रिंकू गुप्ता घायल हो गए थे।
इसी तरह भरथना-ऊसराहार मार्ग पर बहादुरपुर के पास नाले की पुलिया की रेलिंग भी टूटी पड़ी है। समाजसेवी राजीव गुप्ता, अनिल कौशल संजू बाबू शाक्य रवि वर्मा आदि ने डीएम से सभी टूटी पुलिया और रेलिंग ठीक कराने की मांग की है।
इटावा और औरैया जिलों में नहर विभाग की 831 पुलिया हैं। विभागीय सर्वे में इटावा डिवीजन में 269 और भोगनीपुर डिवीजन में 208 पुलिया क्षतिग्रस्त हैं।
16 पुलियां औरैया जिले में आती हैं। टूटी पुलिया की मरम्मत कराने के लिए शासन ने चार करोड़ छह लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। बजट का आवंटन हो चुका है। सिंचाई कार्य मंडल के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।