थाना क्षेत्र के नगला जोर गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव नीम के पेड़ के सहारे फंदे पर लटका मिला है।
पिता का आरोप है कि मनरेगा कार्यों की गड़बड़ी उजागर करने पर गांव के ही कुछ लोगों ने उनके बेटे की हत्या की है। बाद में शव को पेड़ से लटकाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
चकरनगर थाना क्षेत्र के नगला जोर गांव निवासी किसान जयप्रकाश तिवारी के 18 साल के अविवाहित बेटे आशुतोष का शव बुधवार सुबह घर के पास सरकारी स्कूल के नजदीक एक नीम के पेड़ से लटका मिला।
उसके गले में अंगौछे से फंदा लगा था। सीओ मस्सा सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की।
पिता जयप्रकाश ने तहरीर में आरोप लगाया कि उनके बेटे ने मनरेगा से हो रहे काम में गड़बड़ी की आवाज उठाई थी। इसी वजह से गांव के कुछ लोग रंजिश मानने लगे थे। मंगलवार रात करीब 9 बजे उन्हीं लोगों ने गांव के किनारे जाते समय उनके बेटे को घेर लिया था।
तमंचा लहराते हुए धमकी दी थी कि उसे वह जिंदा नहीं छोड़ेंगे। लेकिन गांव के अन्य लोगों के आ जाने से तब उनका बेटा बच गया था।
घर आकर बेटे ने पूरी बात बताई थी। मंगलवार हर रोज की तरह उनका बेटा घर के दरवाजे पर लेटा था। बुधवार सुबह जब वे उठे और बाहर निकले तो चारपाई पर बेटा नहीं था। खोजबीन की तो उसका शव मिला।
सीओ चकरनगर मस्सासिंह ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।