इटावा। गुजरात से लाए गए शेर तौकीर की मौत बैक्टीरिया के इंफेक्शन से हुई है। आरबीआरआई बरेली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंफेक्शन के कारण तौकीर के लिवर, किडनी और हार्ट पूरी तरह खराब हो चुके थे। कौन सा बैक्टीरिया था, डॉक्टर इसकी जांच कर रहे हैं।
इटावा सफारी में 11 अक्तूबर को रात करीब 12 बजे गुजरात से लाए गए शेर तौकीर की मौत हो गई थी। 26 सितंबर को छह अन्य शेरों को गुजरात से लाया गया था। इटावा सफारी आने के तीन दिन बाद तक तौकीर ने खाना नहीं खाया था। केवल पानी पीया था। चौथे दिन से हल्की डायट ली।
इस पर सफारी के डायरेक्टर ने कानपुर, बरेली से लेकर गुजरात तक के पशु चिकित्सकों को बुलाकर तौकीर की जांच कराई। कोई हालत में सुधार नहीं हुआ। 6 अक्तूबर से तौकीर ने बिल्कुल खाना छोड़ दिया था।
डॉक्टरों ने उसकी किडनी में दिक्कत बताई थी। आरबीआरआई बरेली में तौकीर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तौकीर की दोनों किडनी, लीवर और हार्ट पूरी तरह खराब निकले हैं। तौकीर ये अंग किसी बैक्टीरिया के इंफेक्शन से खराब हुए हैं। सफारी के डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कापी नहीं मिली है।
डॉक्टरों ने मुझे मौखिक बताया है कि बैक्टीरिया के इंफेक्शन से तौकीर के अंग खराब हुए है। बैक्टीरिया कौन सा है, डॉक्टर उसकी जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम की कॉपी दो चार दिन में मिल जाएगी, उसमें बैक्टीरिया का विवरण भी होगा।
वीके सिंह ने बताया कि शक्करपुर प्राणी उद्यान जूनागढ़ के सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ. बीके भुवा को फिर इटावा सफारी बुलाया गया है। वे यहां चार दिन रहकर सभी शेरों का परीक्षण करेंगे। साथ ही उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। इस दौरान सफारी की डॉक्टर उनसे शेरों के रखरखाव की बारीकियां भी जानेंगे।
गुजरात के जूनागढ़ स्थित शक्करपुर प्राणी उद्यान से सात शेर 26 सितंबर को इटावा सफारी लाए गए थे। इन शेरों में तौकीर भी शामिल था। सफारी के डायरेक्टर ने बताया कि शेर लाने के पहले वहां केवल बाहरी जांच हुई थी। तौकीर को बीमारी पहले से थी।
16 दिन में कोई भी बैक्टीरिया शरीर के तीनों महत्वपूर्ण अंगों को खराब नहीं कर सकता। हालांकि आंतरिक जांच के लिए स्विगर मशीन होती है लेकिन दूसरे के प्राणि उद्यान में अपनी तरफ से करना संभव नहीं होता है और न ही ये शेर हस्तांतरण प्रक्रिया का हिस्सा ही है।
गुजरात से तौकीर के अलावा ढाई साल की गौरी, ढाई साल का कान्हा, दो साल की राधिका, नौ साल की जेनिफर, 13 साल की मरियम और 15 साल की तेजस्विनी को लाया गया है। तौकीर के बीमार होने के बाद 10 अक्तूबर को गुजरात से आए सभी छह शेरों की स्वीगर मशीन से आंतरिक जांच कराई जा चुकी है।
शेरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए राइनडे स्टेम्पर वैक्सीन भी लगाई गई है। सभी शेर पूरी तरह स्वस्थ हैं। वीके सिंह ने बताया कि छह से साढ़े छह किलो खाना खा रहे हैं। ये शेरों की पर्याप्त डायट होती है।
गुजरात से लाए गए शेरों को सफारी के वातावरण में ढालने के लिए एकांत में रखा गया है। एनिमल हाउस नंबर एक में तीन शेरनी गोरी, राधिका जेनिफर व एक शेर कान्हा को रखा गया है। दूसरे एनिमल हाउस में शेरनी तेजस्विनी, मरियम के साथ शेर तौकीर को रखा गया था। दो अलग-अलग बड़ो में शेरों को पहले 30 दिन रखा जाना तय किया गया था, किन्तु तौकीर की मौत के बाद एकांत में रखने की अवधि 15 दिन बढ़ा दी गई है।
डायरेक्ट वीके सिंह ने बताया कि एहतियातन 15 दिन का समय बढ़ाया गया है। कोई भी जानवर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर कुछ दिन वहां के जानवरों से अलग रखा जाता है। इस दौरान उसकी गतिविधि पर विशेष नजर रखी जाती है। स्थानीय माहौल में ढकने के बाद इन शेरों के सफारी में मौजूद अन्य ढेरों के साथ कर दिया जाएगा।