इटावा। इटावा सफारी पार्क की कोरोना संक्रमित दोनों शेरनियों की हालत गंभीर होती जा रही है। इससे सफारी प्रशासन परेशान है। शेरनियों को ग्लूकोज चढ़ाने के साथ मीट का सूप दिया जा रहा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये से बरेली, मथुरा और कानपुर के विशेषज्ञ डाक्टर शेरनियों का इलाज कर रहे हैं।
इटावा सफारी पार्क की लायन सफारी में 18 शेर और शेरनियां हैं। इसमें शेरनी जेनिफर और गौरी 30 अप्रैल को बीमार हो गई थीं। कोरोना जांच के लिए सैंपल बरेली भेजे गए थे। सात मई दोनों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। सफारी के अस्पताल में दोनों का इलाज किया जा रहा है। शेरनियां कई दिनों से ठोस आहार नहीं ले रही हैं। उन्हें ग्लूकोज चढ़ाने के साथ मीट का सूप दिया जा रहा है। स्थानीय चिकित्सक डॉ. राबिन यादव, कानपुर चिड़ियाघर के डॉ. आरके सिंह, डॉ. नासिर 24 घंटे शेरनियों पर नजर रखे हैं।
भारतीय पशु चिकित्सा संस्थान (आईवीआरआई) बरेली के वैज्ञानिक डॉ. करीकलन, डॉ. महेंद्रम, प्रसिद्ध वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. एम पावड़े, वेटनरी विश्वविद्यालय मथुरा के डॉ. आरपी पांडेय, डॉ. मुकेश श्रीवास्तव व केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली के वैज्ञानिकों के अलावा भालू संरक्षण केंद्र आगरा के डॉ. इलैयाराजा से भी वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये सलाह ली गई है।
वर्जन
बीमार शेरनी जेनिफर न गौरी की तबियत में सुधार नहीं हुआ है। इटावा ही नहीं देश कई पशु चिकित्सकों से मशविरा करके दोनों शेरनियों का इलाज कराया जा रहा है। केके सिंह, निदेशक, इटावा सफारी पार्क