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ताला बंदी कर बैंककर्मियों ने की नारेबाजी

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इटावा। 12 सूत्री मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की सरकार के साथ वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार को राष्ट्रीय बैंकों में ताले लटके रहे। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने बैंक ऑफ इंडिया के बाहर नारेबाजी कर विरोध जताया।
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बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि सरकार ने इंडियन बैंक एसोसिएशन नाम की संस्था को पंचवर्षीय द्विपक्षीय वेतन समझौता करने की जिम्मेदारी सौंपी है। दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल दिखाई नहीं दी है। इससे बैंककर्मियों में आक्रोश व्याप्त है। इस कारण दो दिन की हड़ताल करने का निर्णय लिया है। यदि मांगों पर विचार नहीं किया तो 11,12,13 मार्च को तीन दिवसीय व एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि पांच दिन की बैंकिंग एनपीएस हटाकर पुरानी पेंशन की बहाली अधिकारियों के कारोबार के समय का निर्धारण आदि शामिल है। बैंक के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों ने वित्त मंत्रालय से सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा की है।
बैंक कर्मियों ने सरकार को चेताया कि वेतन समझौते के नाम पर उनका शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में सभी बैंकों के कर्मचारियों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर विनोद कुमार, राजीव सिंह, मनोज सक्सेना, अनिर्वान सेन गुप्ता, अवशेष दीक्षित, विमलेश कुमार, उपासना शुक्ला, राजा पांडे, अजीत सिंह, दीपक कुमार, सुधीर कुमार, राहुल यादव, मुकेश कुमार, अवनीश यादव, राजेंद्र राजपूत, राहुल सक्सेना, आशीष, शिव प्रसाद, कवीश कुमार, राजा रिपुदमन सिंह के अलावा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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