इटावा। कोरोना काल में चिकित्सकों व हेल्थ केयर वर्कर्स का काम महत्वपूर्ण रहा है। कोविड-19 अस्पताल में लगे सभी चिकित्सकों व हेल्थ केयर वर्कर्स ने जिम्मेदारी से अपना दायित्व निभाया है।
यही वजह रही कि कोरोना संक्रमित मरीज बड़ी संख्या में स्वस्थ होकर अपने घर गए। यह बात सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रमाकांत यादव ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय में डाक्टर्स-डे पर चिकित्सकों व हेल्थ केयर वर्कर्स को सम्मानित करते हुए कही।
यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति ने दीप प्रज्जवलित कर व मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की। इसके बाद उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर मेडिकल यूनिवर्सिटी ने दो महीनों पहले से कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी।
इसमें बच्चों के लिए डेडिकेटेड 100 बेड का अस्पताल तैयार कर लिया गया है। कार्यक्रम के दौरान कोरोना महामारी के दौरान विश्वविद्यालय में चिकित्सकीय सेवाओं में अग्रणी भूमिका निभाने वाले चिकित्सकों व हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान संकायाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, संकायाध्यक्ष छात्र कल्याण प्रकोष्ठ डॉ. आलोक कुमार दीक्षित, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, सर्जरी विभागाध्यक्ष व संयोजक कोविड व नॉन कोविड अस्पताल डॉ. एसपी सिंह, अपर चिकित्सा अधीक्षक कोविड-19 अस्पताल डॉ. अनिल शर्मा, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, कार्यक्रम संयोजक डॉ. सोमेंद्र पाल सिंह, डॉ. एनपी सिंह, डॉ. राजमंगल, डॉ. सोनिया विश्वकर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केबी अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर फैकेल्टी मेंबर, चिकित्सा अधिकारी व हेल्थ केयर वर्कर्स मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान ही ‘कोविड-19 तीसरी लहर तैयारियां एवं चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता शिशु एवं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार यादव व नेत्र रोग विभाग से डॉ. रीना शर्मा ने अपने विचार रखे।