फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईमास्ट की चकाचौंध गायब और फब्बारे बेरौनक

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। शहर के चौराहों पर सजावट के लिए लगाए गए फव्वारे और हाईमास्ट लाइटें सिर्फ दिख भर रही हैं। न तो फव्वारे चल रहे हैं और न ही लाइटें जल रही हैं। चलती हालत में इटावा में सिर्फ रेलवे स्टेशन परिसर पर फव्वारा है, लेकिन ये तभी चलता है जब कोई वीआईपी आता है।
विज्ञापन

अंधेरे में डूबा रहता है क्षेत्र
सैफई। लाखों की लागत से लगा फव्वारा और हाईमास्ट लाइट बंद हैं। सपा के शासनकाल में करीब पांच साल पहले इन्हें लगाया गया था। इनके खराब होने के बाद लोगों ने करहल-इटावा मार्ग पर सैफई के मुख्य चौक को कूड़ा घर बना दिया।
स्थानीय निवासी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों की लापरवाही तथा रखरखाव के अभाव के चते ये बर्बाद हो रहे हैं।
विज्ञापन

राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि पहले जिले में 14 इकाइयां थी। 13 इकाइयां यहां से स्थानांतरित कर दी गई। अब सिर्फ एक इकाई बची है। इसलिए यह पता नहीं कि यह किस इकाई का काम है।
फव्वारा बंद, लाइट चोरी
जसवंतनगर। नगर पालिका परिषद ने साल 2016-17 में दो स्थानों पर 38 लाख रुपये की लागत से हाईमास्ट लाइटें तथा फव्वारे लगाए थे। जिसमें एक फव्वारा व लाइट चल रहा है। दूसरा फव्वारा बंद है और लाइटें चोरी हो चुकी हैं। जिसका पालिका के रिकार्ड में कोई लेखा-जोखा नहीं है।
अधिशाषी अधिकारी रामेंद्र यादव ने बताया रामलीला तिराहे पर स्थित एक फव्वारा तो ठीक है, मगर फक्क्ड़पुरा में स्थित दूसरा फव्वारा तथा हाईमास्ट का सामान चोरी हो गया है।
नगर पंचायत लगवा रही है फव्वारा
बकेवर। कस्बे में बिजली घर के पास नगर पंचायत फव्वारा लगवा रही है। नगर पंचायत ईओ अजय कुमार ने बताया कि दीनदयाल आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत करीब छह लाख की लागत से फव्वारा बनेगा। अभी एक लगवाया जा रहा है, आगे और भी लगवाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें