चकरनगर(इटावा)। सांसद विधायक सीएचसी और अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट के लिए अपनी विधायक निधि से धनराशि दे रहे हैं। वहीं, एक क्षेत्र ऐसा है जो जिला मुख्यालय से काफी दूर है। जहां वास्तव में ऑक्सीजन प्लांट की जरूरत है। वहां अभी तक किसी विधायक और सांसद ने नजर नहीं डाली है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से इस क्षेत्र के निवासी काफी आहत हैं। ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर में ऑक्सीजन प्लांट लगवाने की मांग की है।
बीहड़ का सबसे दुर्गम क्षेत्र चकरनगर स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में काफी उपेक्षित ही रहा है। यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर अथवा स्टाफ की कमी ही रहती है। कोरोना संक्रमण के दौर में बीहड़ी क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक गांवों में बीमारी की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
कहने को तो ब्लॉक मुख्यालय पर राजपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना है। परंतु वहां चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त नहीं है। क्षेत्र के लोग 100 किलोमीटर चल कर जब तक जिला अस्पताल पहुंचते तब तक उनकी इलाज के अभाव में मौत हो जाती है। सरकार को चाहिए कि स्वास्थ्य केंद्र पर बीमारी की रोकथाम को लेकर बड़ी व्यवस्था करे। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के साथ-साथ उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था करनी चाहिए। जिससे लोगों की अकाल मृत्यु न हो।
गुड्डू तिवारी कहते हैं कि सांसद विधायक क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए आवश्यक धनराशि दें। अनिल तिवारी बताते हैं कि बीहड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा बदहाल होने के कारण लोग प्राइवेट उपचार में लाखों रुपये बर्बाद करते हैं। अपनों को भी खो देते हैं। संजू सिंह वंशरी कहते हैं कि क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होना महामारी के दौरान वरदान साबित होगा। क्षेत्रीय विधायक को क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र को गोद लेना चाहिए।
कल्लू सिंह चौहान कहते हैं कि सरकार की नजर में सभी ग्रामीण आम जनता है। सभी के लिए महामारी में रोकथाम के लिए उच्च स्वास्थ्य व्यवस्था करनी चाहिए। अनदेखी करना महामारी को निमंत्रण देना है। अवधेश सिंह बिठौली बताते हैं कि जब तक जिला अस्पताल मरीज पहुंचता है ऑक्सीजन व अन्य स्वास्थ्य इलाज के अभाव में दम तोड़ देता है। रविंद्र सिंह चौहान कहते हैं कि सरकार को बीहड़ क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट प्राथमिकता के तौर पर स्थापित करवाना चाहिए।