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कोरोना त्रासदी में मदद को आगे आई युवाओं की टीम

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इटावा। कोरोना काल में 10 युवाओं की टोली जिले के गांव-गांव जाकर जरूरतमंद लोगों की मदद कर रही है। बेसहारा परिवारों को यह टोली दवाएं, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, भोजन और राशन सामग्री पहुंचा रही है। खास बात है कि युवाओं की टोली में आईआईटीयंस के साथ शिक्षित युवा शामिल हैं। टीम के सभी सदस्य जिसकी मदद करते हैं, उसकी पहचान गुप्त रखते हैं। ताकि उनके सम्मान को किसी तरह से ठेस न पहुंचे।
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करीब डेढ़ महीने से युवाओं की टोली जरूरतमंदों की मदद में जुटी है। टोली के मुखिया मयंक सिंह भदौरिया विजय नगर, इटावा के रहने वाले हैं। वह आईआईटी मुंबई से एमटेक कर चुके हैं और दिल्ली में अपनी कंपनी चला रहे हैं। उनके साथी उपेंद्र आईआईटी दिल्ली से बीटेक हैं। निलेश सिंघल ने आईआईटी कानपुर से बीटेक व देश के एक बड़े संस्थान से एमटेक किया है। मयंक पांडेय भी आईआईटियन हैं। इसके अलावा टोली में शामिल अन्य युवा भी पढ़े-लिखे हैं।
दिल्ली में बनाया कॉल सेंटर
युवा की टोली जिन जरूरतमंदों की मदद करती है, उनका आगे भी ख्याल रखती है। इसके लिए इस टोली ने दिल्ली में कॉल सेंटर और इटावा हेल्प डेस्क बनाई है। मयंक की कंपनी में बने कॉल सेंटर से जरूरतमंद और मददगारों से फोन पर बात की जाती है। वहां कार्यरत कर्मी जरूरतमंदों के हालचाल और किसी चीज की जरूरत के बारे में पूछते हैं। इसके बाद हेल्प डेस्क से टीम के लोगों को मैसेज फॉरवर्ड करते हैं। इसके बाद टीम जरूरतमंद के पास पहुंचकर उसकी मदद करती है। युवाओं के इस काम में आरएसएस के विभाग सह संचालक विनोद चंद्र पांडेय भी सहयोग कर रहे हैं। मयंक भदौरिया ने बताया इस कार्य में दीपक तोमर, अक्षय द्विवेदी, अश्वनी मिश्रा, अनुज गौड़, आदित्य तिवारी, डॉ. आशीष तिवारी व डॉ. सुएंग तिवारी का भी सहयोग मिल रहा है।
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यह पहुंचाई मदद
अब तक यह टीम जरूरतमंदों को 20 ऑक्सीमीटर, चार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 10 हजार मास्क, 800 सैनिटाइजर की बोतलें, चार भाप मशीन, 15000 कोरोना किट (दवाएं) और 30 लोगों को ब्लड दे चुके हैं। यह टीम प्रतिदिन सुबह व शाम 200-200 लोगों को भोजन पहुंचाने का काम करती है। इस काम में राष्ट्रीय गो सेवा संघ और गोमाता गोसेवा संस्थान भी युवाओं की मदद करता है।
सब डरे थे, तो आगे आए
मयंक ने बताया कि कोरोना काल में जब वह घर आए तो लोगों की परेशानियों को देखा। कई नेताओं व संभ्रांत लोगों से जरूरतमंदों की मदद के लिए कहा, लेकिन सब कोरोना से डरे थे। कोई मदद को आगे नहीं आया। तब उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। इसके बाद उनसे पढ़े-लिखे युवा जुड़ गए। आज स्थिति यह है कि उनके साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने वालों की संख्या दो हजार के करीब पहुंच गई है। इस नेक काम में विकास सिंह भदौरिया, कुन्नू भइया, सतेंद्र भदौरिया, दीपक तोमर, अभिषेक सिंह, अक्षय द्विवेदी, अर्पित गुप्ता, प्रशांत तिवारी, जीतू चौहान, अनुज गौड़, हिमांशू पोरवाल, डॉ आशीष, अनुज पुरोहित, आदित्य त्रिपाठी, काव्य दुबे समेत कई और लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।
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