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घाटे से गुजर रहे सराफा कारोबार को मिली संजीवनी, बाजार में उछाल

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इटावा। केंद्र सरकार के आम बजट से सराफा कारोबारी झूम उठे हैं। सराफा कारोबारियों का कहना है कि कस्टम ड्यूटी को घटाकर 7.5 फीसदी करना कारोबार को घाटे से उबारने के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। कोरोना काल में पूरी तरह से टूट चुके इस कारोबार में अब भारी उछाल की उम्मीद जगी है। वहीं कारोबारी अब सरकार से सोने चांदी की खरीद फरोख्त का सरलीकरण करने की मांग कर रहे हैं। दो से दस लाख तक की खरीद पर केवाईसी की किसी प्रकार की अनिवार्यता नहीं रखी जानी चाहिए। कोरोना काल से पहले हर साल इटावा में करीब 100 करोड़ से अधिक का सोने चांदी का कारोबार हुआ करता था। इस साल इसका 30 फीसदी ही कारोबार हो सका है।
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बोले, सराफ कारोबारी
सराफा कारोबारी श्याम सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार ने हमारी बात को समझा और रियायत दी। सरकार के इस निर्णय का हम सब स्वागत करते हैं। कारोबार फिर से पटरी पर लौट सके इसके लिए जरूरी है कि सोने चांदी की खरीद फरोख्त को नियमों में न बांधा जाए। अगर ग्राहक को चेक से भुगतान करने को बाध्य किया जाएगा तो परेशानी बढ़ेगी। साथ ही केवाईसी के नियमों का सरलीकरण होना चाहिए।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन इब्जा इमरजेंसी कमेटी के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन बेटू ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। महंगा होने के कारण सोना-चांदी आम आदमी के बजट से बाहर हो गया। जिससे सराफा कारोबारियों पर बुरा असर पड़ा। इब्जा ने वित्त मंत्री से बजट में कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग की थी। जिसे कुछ हद तक मान कर सोने से कस्टम ड्यूटी 12.5 फीसदी से घटाकर 7.5 फीसदी कर दी गई है जो कि स्वागत योग्य है।
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इटावा के सराफा कारोबारी नवनीत वर्मा ने कहा कि सरकार के इस कदम से सराफा कारोबार को नई ऊर्जा मिली है। इस कारोबार से जुड़े लोगों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कस्टम ड्यूटी घटने से सोने चांदी सस्ता होगा। बाजार में मांग बढ़ेगी। जिससे कारोबार के एक बार फिर से पटरी पर लौटने का मार्ग प्रशस्त होगा। केंद्र सरकार को हम सब इसके लिए बधाई देते हैं।
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