इटावा। सामाजिक बदलाव का माध्यम समूह है। यह बात आचार्य डॉ. सुरेशचंद्र ने क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान बकेवर में कही। समूह सखी मॉड्यूल तृतीय का छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। इसमें जनपद के सभी विकास खंडों से 60 समूह सखियों ने प्रतिभाग किया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधन इकाई के तत्वावधान में हुआ।
उपायुक्त स्वत: रोजगार बृज मोहन अम्बेड ने समूह सखियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि छोटा समूह बड़े समाज का प्रतिबिंब होता है। बड़े समाज में चलने वाली सभी प्रक्रियाएं छोटे समूहों में भी पायी जाती हैं। छोटे होने के कारण इसमें प्रक्रियाओं को समझने, नियंत्रण करने व अपने कौशल को व्यक्त करने का मौका आसानी से मिल जाता है। आचार्य डॉ. सुरेशचंद्र ने कहा कि छोटे समूह में चलने वाली प्रक्रियाओं से आए बदलाव को बड़े समाज में व्यक्त करना आसान हो जाता है। अत: छोटा समूह सामाजिक बदलाव और सामाजिक निर्माण का एक सशक्त माध्यम है।
जिला मिशन प्रबंधक डॉ. नंदकिशोर साह ने बताया कि छोटे समूह में लाए गए परिवर्तन जब बड़े समाज में पुन: निर्मित किए जाते हैं, तो सामाजिक बदलाव आसान हो जाता है। समूह एक माध्यम हो जाता है जहां पर समूह के सदस्यों को अनुभव के आधार पर अपने व्यक्तित्व को विकसित करने का अवसर मिलता है।