इटावा। कार्यकाल के अंतिम दिनों में ग्राम प्रधानों में सबसे ज्यादा भुगतान किए गए। कोरोना काल में पंचायतों में काम तो कराए गए परंतु उनकी धनराशि खातों में नहीं होने से भुगतान नहीं हो सके। दिसंबर के महीने में ग्राम पंचायतों में वित्त आयोग की धनराशि भेजी गई। इसके बाद ही 1 दिसंबर से 25 दिसंबर तक ताबड़तोड़ भुगतान हुए। भुगतान का अनुपात अचानक इस तरह से बढ़ जाने पर शासन भी चौकन्ना हुआ। शासन ने इस अवधि में 10 लाख अथवा इससे अधिक भुुगतान करने वाली ग्राम पंचायतों की जांच के आदेश दिए हैं। जिले के आठ ब्लाकों में ऐसी 41 ग्राम पंचायतें चिह्नित की गई हैं जहां 10 लाख और उससे अधिक का भुगतान हुए। अब ये पंचायतें शासन के रडार पर हैं। सबसे ज्यादा भरथना में और सबसे कम चकरनगर में ऐसी पंचायतें हैं। यहां के पंचायत सचिवों से खर्च किए गए धन का ब्योरा मांगा जाएगा।
जिले में कुल 471 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो गया था। अब ग्राम पंचायतों पर प्रशासक के रूप में सहायक विकास अधिकारी काबिज हैं। भुगतान तो प्रधान जी करके चलते बने अब हिसाब किताब सचिव और एडीओ को देना होगा।
एसडीएम और बीडीओ करेंगे जांच
शासन स्तर से मिले आदेशों के अनुसार इन 41 ग्राम पंचायतों में हुए भुगतान की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच कमेटी में संबंधित ब्लॉक के एसडीएम और दूसरे ब्लाक के बीडीओ शामिल होंगे।
इन ग्राम पंचायतों की होगी जांच
विकास खंड ग्राम पंचायतें
बढ़पुरा - कामेत, प्रतापनेर, कुनैरा, पछांयगांव, फूफई, पिलखर
बसरेहर- सरायमलपुरा, संतोषपुर ऊनवा, सरसईहेलू, मूंज, कर्री, बीना
जसवंतनगर- जसोहन, रजमऊ, धरवार,
भरथना - सराय चौरी, बहारपुरा, ढकपुरा, बुआपुर दीनापुर, निगोहपुर ईकारपुर, ऊमरसेंडा, समसपुर, बिरौंधी, कुतुबपुर, बिरारी, कुंवरा सूजीपुर, गंगोरा बझेरा
चकरनगर - चकरनगर
सैफई - सैफई, भदेई काशीपुर,
महेवा- अहेरीपुर, बेरीखेड़ा, निवाड़ीकला, उरेंग, कर्वा बुजुर्ग, बहादुरपुर घार, नवादा खुर्दकला,
ताखा- सरसईनावर, दींग, पटियात, कुईता
जांच में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर ऐसी ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर लिया गया है। जांच में यदि कहीं गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी