जसवंतनगर(इटावा)। बलरई थानाक्षेत्र में दुष्कर्म के प्रयास के बाद पीड़िता के आत्महत्या के मामले में शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मृतका और आरोपी की कॉल डिटेल खंगाली तो दोनों के बीच बातचीत के साक्ष्य मिले। पड़ताल में यह भी सामने आया कि 20 जनवरी को किशोरी गांव से बाहर खेत की तरफ गई तो आरोपी भी उसके पीछे गया था। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने दोनों खदेड़ा था। पुलिस युवकों से भी पूछताछ करने में जुटी है।
बलरई थानाक्षेत्र निवासी किशोरी से गांव के ही पंकज कुमार ने 20 जनवरी को छेड़छाड़ के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। किशोरी के परिजनों ने थाने पहुंचकर तहरीर दी जिसपर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। आरोप था कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय पीड़ित परिजनों को थाने से भगा दिया था। इससे क्षुब्ध होकर शुक्रवार को किशोरी ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी।
एसपी सिटी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच में सामने आया कि 20 जनवरी को पीड़ित थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी उनके साथ गांव गए। आरोपी युवक के घर दबिश दी गई तो पूरा परिवार गायब मिला। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि दूसरे दिन परिजन कुछ गांव वालों के साथ फिर थाने पहुंचे और एक लिखित समझौता पत्र देकर बताया कि पारिवारिक मामले में वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इसलिए पुलिस बैकफुट पर आ गई। इसी बीच आरोपी पंकज कुमार की मां ममता ने पीड़िता को उलाहना देकर धमकाया जिससे वह क्षुब्ध हो गई थी।
वहीं पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पुलिस के दबाव में गांव के कुछ लोगों ने उनसे समझौता पत्र पर जबरन दस्तखत करवाया था। समझौता करवाने के बाद आरोपी पंकज की मां ममता ने मृतका से गाली गलौज की थी और जान से मरवाने की धमकी दी थी। इससे आहत होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
एसपी सिटी ने बताया कि किशोरी के भाई की तहरीर पर पंकज के खिलाफ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास व उसकी मां ममता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुराने विवाद की पड़ताल करने में जुटी पुलिस
एसपी सिटी ने बताया कि मृतका और आरोपी का परिवार आपस में पट्टीदार है। आरोपी पंकज दिल्ली में मजदूरी करता है। वह अक्सर किशोरी से फोन पर बातचीत करता था जिसे लेकर दोनों परिवारों में कई बार विवाद हो चुका था।