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जिला अस्पताल में बेड नहीं मिला, महिला ने तड़पकर तोड़ा दम

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इटावा। जिला अस्पताल में बेड न मिलने से शुक्रवार को औरैया से इलाज करवाने आई महिला ने दर्द से तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। महिला को भर्ती करवाने के लिए दो दिन से धक्के खा रहे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि डॉक्टर ने महिला को सैफई पीजीआई या किसी निजी अस्पताल ले जाने की सलाह देकर टरका दिया था।
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जनपद औरैया थाना दिबियापुर के ग्राम पुरवा कन्हाई निवासी राधेश्याम की 55 वर्षीय पत्नी रामवती के पेट में पथरी थी। बेटे सुशील कुमार ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 11 बजे वह इटावा के जिला अस्पताल में मां को लेकर पहुंचे और डॉ. पीयूष तिवारी को दिखाया। डॉक्टर ने मां का चेकअप किया और कोरोना जांच कराने को बोला। कोरोना जांच कराई तो रिपोर्ट दो दिन बाद देने को कहा गया।
डॉक्टर ने दवा बाहर से मंगवा ली लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं किया। मां की हालत खराब होने पर परिजन गुरुवार रात को औरैया नहीं गए और जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरा में रुक गए। शुक्रवार सुबह महिला को फिर से दर्द होने पर बेटे ने दोबारा डाक्टर से संपर्क किया। डाक्टर ने जांच व एक्स-रे लिख दिया। एक्सरे कराकर लौटे तो डॉक्टर ने महिला को सैफई या प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाने की सलाह दी लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं किया। तभी दोपहर करीब डेेढ़ बजे महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत होने पर परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। इस संबंध में डाक्टर पीयूष तिवारी ने बताया कि महिला को दवा लिख दी गई थी। साथ ही जांच कराने को बोला गया था। गुरुवार को महिला की हालत ठीक थी।
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अस्पताल में बेड थे फुल
सीएमएस एसएस भदौरिया ने बताया कि डाक्टर से इस मामले के संबंध में पूछताछ की जाएगी। मृत महिला व उसके परिजनों को सरकारी वाहन से औरैया भेजा गया है। अस्पताल में चार वार्ड हैं, जो पूरे भरे हुए हैं।
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