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खस्ताहाल हुई पानी की टंकी, क्षेत्रीय लोगों को पिलाया जा रहा प्रदूषित पानी

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उदी(इटावा)। बढ़पुरा विकास खंड के ग्राम पंचायत कामेत स्थित उदी पुलिस चौकी के पास स्थित पानी की टंकी जर्जर व क्षतिग्रस्त है। इसकी एक दशक से सफाई नहीं कराई गई है। पट्टी बिहड़ी क्षेत्र के लोग लंबे समय से प्रदूषित जल पी रहे हैं। कई बार लिखित व मौखिक शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। आज आधा दर्जन गांवों में से अधिकांश गांवों की पेयजल लाइन टूटी पड़ी है। बीच-बीच में से पाइप लाइन गायब भी है। केवल दो गांवों में पानी की आपूर्ति की खानापूरी हो रही है।
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ज्ञात हो पारपट्टी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए एकमात्र टंकी उदी मोड़ इटावा रोड पुलिस चौकी के पास 1991 में बनाई गई थी। इससे दस हजार की आबादी को स्वच्छ पेयजल की योजना का लाभ मिल रहा था। रखरखाव के अभाव में टंकी का नीचे से ऊपरी तक का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। टंकी की सफाई एवं दवा डालने के लिए बनाई गई सीढ़ियां लगभग 10 वर्षों से क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। इसकी समय-समय पर तैनात ऑपरेटर द्वारा विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई। कोई सुनवाई न होने के कारण सीढ़ियां तथा ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। यहां तैनात रामवीर सिंह ऑपरेटर ने बताया कि करीब 7-8 वर्ष से टंकी के ऊपर ना चढ़ पाने के कारण इसकी सफाई नहीं की जा सकी है।
छह गांवों में होती थी आपूर्ति
इस टंकी से उदी मोड़, कामेत, नगला गौर, नगला बीरबल, हविलिया, नगला अजित ग्राम उदी में पाइप लाइन से पानी की सप्लाई होती थी। धीरे-धीरे देखरेख न होने पर पाइप लाइन टूटती गई। मरम्मत हुई नहीं। फलस्वरूप अब केवल नगला गौर, उदी में ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है।
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प्रदूषित पानी नुकसानदेह
क्षेत्र के अरविंद चौधरी का कहना है कि एक तरफ से सरकार स्वच्छ पेयजल योजना पर जोर दे रही है। वहीं, उदी मोड़ के आसपास प्रदूषित जल की आपूर्ति होना गंभीर है। प्रदूषित जल से लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। यह काफी नुकसानदेह है। व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
रघुराज सिंह भदौरिया का कहना है कि सरकार योजना तो बनाकर तैयार कर देती है परंतु उसके संचालन पर कभी ध्यान नहीं दिया जाता। यही कारण है कि सरकारी योजनाएं बिखर जाती हैं। पानी की टंकी बनाने के बाद उसके रखरखाव के लिए वार्षिक बजट तैयार होना चाहिए।
सभी गांवों में हो आपूर्ति
अनिल का कहना है कि सभी गांवों को जाने वाली पाइप लाइन को सही कराया जाए। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। योजना का लाभ संबंधित गांवों के लोगों को जल्द-जल्द मिलने के अधिकारी कदम उठाएं।
गोलू शर्मा का कहना है कि जरूरत के कामों की अनदेखी करना सरकारी योजनाओं की विफलता का प्रमुख कारण है। इस क्षेत्र में पानी की बहुत बड़ी समस्या है। जलस्तर काफी नीचे होने से हैंडपंप और कुएं आदि से पानी निकालने में दिक्कत होती है। इसी वजह से इस टंकी का निर्माण कराया गया था।
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