इटावा। दिसंबर के आखिरी दिन सुबह की शुरुआत घने कोहरे और शीतलहर से हुई। लोग आग जलाए हुए बैठे रहे। कोहरा होने की सड़कों पर लोगों और वाहनों की आवाजाही कम रही। वाहन चालकों को धीमी गति से और हेड लाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ा। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री एवं अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार की अपेक्षा अधिकतम में एक डिग्री कम लेकिन न्यूनतम में एक की बढ़ोत्तरी रही। शीतलहर चलने की वजह से दोपहर 12 बजे धूप निकलने के बावजूद लोग कंपकंपाते रहे। भरथना, जसवंतनगर, सैफई, उदी, ऊसराहार, ताखा, बलरई, बसरेहर समेत जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी से बचने को लोग आग जलाए बैठे रहे।
हनुमान जी को कंबल ओढ़ाया
कड़कड़ाती सर्दी से आम आदमी से लेकर पशु पक्षी भी परेशान हैं। साथ ही मंदिरों में भी देवी देवताओं को सर्दी से बचाने के विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रधान डाकघर के सामने स्थित श्री संकट मोचक हनुमान मंदिर के महंत पं. रामनारायण दीक्षित ने हनुमान जी की प्रतिमा को कंबल ओढ़ाया। साथ ही कंबल का पर्दा लगाने के अलावा अन्य प्रतिमाओं को भी गर्म कपड़ा पहनाया है। बताया कोरोना महामारी के दिनों में हनुमान जी के मुंह पर मास्क लगाया था। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया लोगों को शीतलहर से बचाने के लिए नगर पालिका की ओर से शहर में 19 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। रोजाना शाम को इन स्थानों पर पालिका के कर्मचारी सूखी लकड़ियां पहुंचा रहे हैं। इनके अलावा रैन बसेरा में भी असहाय लोगों के रात में ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए नि:शुल्क ऑटो भी लगाया गया है।
इन स्थानों पर जल रहे अलाव
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल, रैन बसेरा सुंदरपुर, रैन बसेरा स्टेशन रोड, शास्त्री चौराहा, नुमाइश चौराहा, एसएसपी चौराहा, बलराम सिंह चौराहा, सुमेर सिंह किला, नया बस स्टेंड तिराहा के पास, ग्वालियर बस स्टेंड, जिला अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर के पास, अपर जिलाधिकारी के आवास के पास, आलमपुरा में जिम के पास, पचराहा, पक्का तालाब चौराहा, विकास भवन के पास तथा कचहरी परिसर के अंदर अलाव की व्यवस्था की गई है।
सर्दी में है किसानों को फसल की चिंता
चकरनगर। क्षेत्र के लोग और भी ज्यादा कड़ाके की सर्दी से परेशान रहे। सुबह से लेकर धूप निकलने से पहले तक चारों ओर कोहरे के अलावा कुछ नहीं दिखाई पड़ रहा था। इस वजह से गांवों में लोग सुबह से ही आग जलाकर बैठे रहे। शीतलहर की वजह से सबसे ज्यादा परेशान किसान हैं जो कड़ाके ही सर्दी की परवाह न कर खेतों में गेहूं सिंचाई कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को समय से पानी देना भी जरुरी है। यदि सर्दी की चिंता करेंगे तो फसल की ओर ध्यान ही नहीं दे पाएंगे।
गांव में समाजसेवी जलवा रहे अलाव
निवाड़ीकला। कस्बा में भी कड़ाके की सर्दी की वजह से लोग दोपहर में धूप निकलने तक आग से हाथ तापते रहे। हाड़कपाऊ सर्दी पड़ने से समाजसेवी भी अलाव जलवाने को आगे आ रहे हैं। आशुतोष दीक्षित ने सुबह लकड़ी के गठ्ठर मंगवाकर कस्बा के मुख्य चौराहे पर अलाव जलवाया। बताया अलाव लगातार जलता रहेगा। लकड़ी क़ा पर्याप्त इंतजाम भी कर लिया है।