इटावा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नवंबर से घी दूध बंटने का अभी कोई इंतजाम नहीं हो सका है। सितंबर से केंद्रों पर बच्चों को पौष्टिक आहार भी नहीं मिल रहा है। नवंबर से हाट कुक्कड की जगह गेहूं, चावल और दाल का वितरण किया जाएगा। साथ ही बच्चों की सेहत बनाने के लिए घी दूध भी दिया जाएगा, लेकिन यह व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए इंतजार करना होगा।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत जिले में कुल 1564 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनके माध्यम से छह माह से तीन वर्ष तक के कुल 69576,3 से छह वर्ष के 21129 बच्चों एवं गर्भवती व धात्री के रुपये पंजीकृत कुल 31682 महिलाओं को पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। यह पुष्टाहार नौ प्रकार का होता है। छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए वीनिंग फूड, मीठा दलिया, नमकीन दलिया, तीन से छह वर्ष के बच्चों को प्री मिक्स लड्डू, मीठा दलिया और नमकीन दलिया, गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए प्रीमिक्स लड्डू, मीठा दलिया और नमकीन दलिया भी दिया जाता है।
सितंबर में आयोजित होने वाले तृतीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 0 से पांच वर्ष के कुल 149507 बच्चों के सापेक्ष 146512 बच्चोंका वजन किया गया। इसमें 1009 बच्चेअति कुपोषित और 7622 बच्चे कुपोषित श्रेणी में चिह्नत किए गए। इस प्रकार कुल 8631 बच्चों के विभिन्न विभागों के कन्वर्जेंस से सुपोषित किया जाना है।
शासन ने अब कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को हॉट कुक्कड के स्थान पर राशन डीलर के माध्यम से गेहूं चावल और दाल का वितरण किया जाएगा। इसके बाद बाल विकास परियोजना कार्यालयों के माध्यम से घी और दूध पाउडर वितरण किया जाएगा। यह कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। नवंबर के आखिरी सप्ताह तक यह काम पटरी पर आने की संभावना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने बताया कि शासन के आदेश के अनुसार नवंबर से व्यवस्था लागू हो रही है।