इटावा। नगर पालिका परिषद के पांच वार्डों में घर घर कूड़ा कलेक्शन का काम बंद हो गया है। कूड़ा कलेक्शन के लिए अनुबंधित कंपनी का करार समाप्त होने और उसके बाद सहारनपुर के सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट का मॉडल अंगीकार करने की जल्दबाजी नगर पालिका को भारी पड़ सकती है। शहर में कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियों की संख्या बहुत कम है। ऊपर से दो दिन हो रही बारिश ने कूड़े की समस्या को और गंभीर बना दिया है। यदि कूड़ा समय पर नहीं उठा तो मोहल्ले में ही सड़ेगा। इससे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ेगी।
नगर पालिका ने ललिता अर्चीड कंपनी को पांच वार्डों शांती कालोनी, अड्डा जालिम, विजय नगर, अजीत नगर और गांधी नगर में एक महीने तक नि:शुल्क घर-घर कूड़ा कलेक्शन का काम सौंपा गया था। यह काम डेमो के रूप में कराया गया। इसमें मोहल्ले के लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग घर में ही रखने और इसके बाद नगर पालिका के कलेक्शन वाहन मेें उसी हिसाब से कूड़ा रखने के बारे में जानकारी दी गई। फरवरी के अंत में एक महीने की अवधि समाप्त होने के बाद कूड़ा कलेक्शन का काम कंपनी ने बंद कर दिया। अब इन वार्डों में कूड़ा कैसे निस्तारित होगा, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि नगर पालिका परिषद में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कूड़ा निस्तारण की योजना लागू की जा रही है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया गया है। मोहल्ले से कूड़ा उठवाने की जिम्मेदारी अब नगर पालिका की है। लोगों को इस बारे में कोई समस्या नहीं आएगी।