पीआईसीयू वार्ड का निरीक्षण करते आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति प्रो0 डा. रमाकान्त या
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सैफई। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विश्वविद्यालय में सभी जरूरी उपकरणों से सुसज्जित बच्चों के लिए 100 बेड का आईसीयू बनकर तैयार हो गया है। विश्वविद्यालय के सभी विभाग के चिकित्सकों को इस चुनौती से निपटने के लिए एक माह से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रमाकांत यादव ने बुधवार को पीडियाट्रिक इन्टेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) का निरीक्षण करने के बाद कही।
कुलपति ने कहा कि तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की अधिक संभावना है। इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय ने बीते माह से ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया था। कोविड-19 की पहली व दूसरी लहर के दौरान विश्वविद्यालय से हजारों कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं। दूसरी लहर से प्रभावित मरीजों के ठीक होने की बाद की समस्याओं के मद्देनजर विश्वविद्यालय ने 100 बेड का पोस्ट कोविड वार्ड बना रखा है। इसमें ऐसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
शिशु एवं बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश यादव ने बताया कि तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए डेडिकेटेड 100 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है। इसमें 50 बेड इन्टेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) व 50 बेड हाई डिपेन्डेंसी यूनिट (एचडीयू) आइसोलेशन के बनाए गए हैं। इसमें सामान्य कोविड संक्रमित बच्चों के साथ गंभीर संक्रमित बच्चों का इलाज किया जाएगा।
नोडल अफसर (कोविड-19 पीडियाट्रिक अस्पताल) डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि बच्चों से जुड़े (पीडियाट्रिक) कोविड की रोकथाम के लिए 30 चिकित्सक व 25 नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बच्चों में बुखार, खांसी, सर्दी होने, बुखार तीन दिन से ज्यादा रहने के साथ ही घर में कोई कोरोना पॉजिटिव हो तो प्राथमिकता के आधार पर कोविड टेस्ट जरूर कराएं।