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बिना डाक्टर कैसे होगा ओपीडी में इलाज

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निवाड़ीकला। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के सरकार के मंसूबों को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और डॉक्टर पलीता लगा रहे हैं। शासन के आदेश पर सरकारी अस्पतालों में ओपीडी शुरू हो गई है लेकिन डॉक्टर अभी भी नहीं पहुंच रहे हैं। वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी अस्पताल को समय से खोल देते हैं लेकिन डॉक्टरों के नहीं होने से रोगियों को इलाज नहीं मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लगभग यही हाल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की कमी की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का हाल
1- सीएचसी महेवा के उरैंग पीएचसी पर कोई डॉक्टर नहीं है। कोरोना काल से पहले एक फार्मासिस्ट की तैनाती थी। अब उसकी ड्यूटी कोरोना में लगा दी गई। कोरोना काल में भी यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है। अस्पताल के वार्ड ब्वाय शिवकुमार ने बताया कि वह और सफाई कर्मी राजीव समय से अस्पताल खोल देते हैं। डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं होने से मरीजों को लौटना पड़ता है। कोरोना काल से पहले तक इस अस्पताल ने लगभग आधा सैकड़ा मरीज आ ही जाते थे ।
2- अछल्दा महेवा मार्ग पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहेरीपुर में भी बिना डॉक्टर के ओपीडी की व्यवस्था दम तोड़ रही है। यहाँ भी फार्मासिस्ट नहीं है । मरीज आते हैं तो सफाई कर्मी और वार्ड ब्वाय उन्हें महेवा भेज देते हैं। वार्ड ब्वाय सुदेश और सफाई कर्मी हरीलाल ने बताया महामारी के दौरान यहां आने वाले डॉ.स ुमित और फार्मासिस्ट उदयवीर को कोविड ड्यूटी के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
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बोले लोग ....
1- नगला तुला निवासी अरविंद ऋषीश्वर का कहना है कि अस्पतालों के ओपीडी खुलने के बाद डॉक्टरों का होना जरूरी है। बिना डॉक्टर मरीजों का इलाज कैसे संभव हो सकेगा। वह स्वयं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पीएचसी में डॉक्टर उपलब्ध कराने की मांग करेंगे ।
2- निवाड़ीकला निवासी बबलू दीक्षित का कहना है कि उन्होंने उरैंग पीएचसी में डॉक्टर की तैनाती के लिए कई बार जनप्रतिनिधि और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। अगर सप्ताह में तीन दिन भी डॉक्टर आते हैं तो भी समस्या काफी हद तक कम जाएगी।
इन गांवों के लोगों को दिक्कत
इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर उपलब्ध न होने से उरैंग, संतोषपुर, इकघरा, गोपियापुर, मुकटपुर, वीरपुर, नगला तुला, कुंदनपुर, टडवा काछियान, दांदरपुर, निवाड़ी खुर्द, इन्द्रावखी, निवाड़ीकला, पेवली, नौगवां, अहेरीपुर, नौधना, बंसियापुर सहित सैकड़ों गाँवों के लोगों को इलाज नहीं मिल रहा है।
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