इटावा। चकरनगर में ब्लाक प्रमुख भाजपा प्रत्याशी राधा देवी का नामांकन कराने के लिए भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया, पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय धाकरे कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे।
ब्लाक कार्यालय की तरफ इन नेताओं को बढ़ता देखा सीओ दरवेश सिंह को रोका, तो विवाद हो गया। भाजपा नेताओं और सीओ की नोकझोंक हो गई। मामला धक्का मुक्की तक पहुंच गया।
किसी तरह मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने स्थिति को संभाला। सूचना पाकर डीएम श्रुति सिंह व एसएसपी डॅा बृजेश कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
इधर, शाम को सिंचाई विभाग के डाक बंगला में विधायक सावित्री कठेरिया, सरिता भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष व पार्टी के तमाम नेता और कार्यकर्ता मारपीट में घायल राकेश को लेकर पहुंचे।
वहां पत्रकारों से बातचीत में भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सीओ दरवेश सिंह ने विधायक सावित्री कठेरिया व उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया। रिवाल्वर और फिर एके-47 दिखाकर कहा कि इससे गोलियां बरसती हैं।
जिलाध्यक्ष का यह भी आरोप है कि सीओ अपनी गाड़ी में लेकर सपा प्रत्याशी को नामांकन कराने लाए थे। इस दौरान एसडीएम भी वहां मौजूद थे।
जिलाध्यक्ष के मुताबिक उन्होंने पूरे मामले की शिकायत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, महामंत्री सुनील बंसल व जिले प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत कई आला नेताओं से की है। डीएम व एसएसपी को प्रकरण से अवगत करा दिया है।
नेताओं के साथ डाक बंगला पहुंचा राकेश
चकरनगर में हुए झगड़े में भाजपा ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी राधा देवी के पति राकेश घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने रायफल की बट मारकर उनका सिर फोड़ दिया, लेकिन घायल राकेश को पुलिस और पार्टी के नेताओं इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले गए। शाम को राकेश शहर में स्थित सिंचाई विभाग के डाक बंगला में भाजपा नेताओं के साथ मौजूद रहे। यहीं बैठकर राकेश ने मीडिया को घटना के बारे में बताया।
निगाह कहीं थी बवाल हुआ कहीं और
ब्लाक प्रमुख चुनाव में बढ़पुरा व बसरेहर ब्लाक को संवेदनशील माना गया था। इन स्थानों पर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ ही भारी संख्या में पुलिस व पीएसी भी तैनात की गई थी। पुलिस व प्रशासनिक अफसर इन ब्लाकों पर नजर रख रहे थे, लेकिन सपाइयों व भाजपाइयों में बवाल हुआ चकरनगर व भरथना क्षेत्र में। इन ब्लाकों में हुई घटनाओं ने पुलिस ने एक बार भी नए सिरे से सुरक्षा का खाका तैयार करने पर विचार को मजबूर कर दिया है।