फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड्यूटी बीच में छोड़कर साजिश में शामिल हुआ दरोगा

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। सहसों थाना क्षेत्र के सधुआपुरा गांव में दो मठों को तोड़ने के आरोप में दरोगा समेत चार लोग जेल भेजे जा चुके हैं। घटना का मुख्य आरोपी पूर्व बीडीसी झोलाछाप हरेंद्र उर्फ भूरे अभी फरार है। पुलिस जांच में सामने आया कि झोलाछाप आरोपी भूरे ने पूरी साजिश रची। दरोगा भी ड्यूटी को छोड़कर शामिल हुआ।
विज्ञापन

सधुआपुरा गांव में शुक्रवार को नीम के पेड़ से सटे दो मठों को क्षतिग्रस्त किया गया था। सहसों थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र शर्मा ने इस मामले में पुलिस लाइन में तैनात दरोगा विजय प्रताप समेत जयनारायण सिंह, मनोज, सुंदर सिंह व हरेंद्र उर्फ भूरे के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज कराया है। झोलाछाप आरोपी हरेंद्र उर्फ भूरे मूलरूप से मध्यप्रदेश के फूफ कस्बे का रहने वाला है। फिलहाल हनुमंतपुरा चौराहे पर आकर बस गया। नीमरी क्षेत्र से बीडीसी भी रहा है। उसके बाद राजनीति में सक्रिय हो गया। फिलहाल वह फरार है। साजिश रचने का वह मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर रही है। इस कृत्य में आरोपी दरोगा विजय प्रताप की अहम भूमिका रही है। 26 मार्च को ही दरोगा विजय प्रताप को पुलिस लाइन से विंडवाखुर्द और भिंड जिले के मधुपुरा बार्डर पर ड्यूटी के लिए भेजा गया था। लॉकडाउन के मद्देनजर उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी के बीच ही दरोगा ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर दोनों मठों को तोड़ने की साजिश रची।
विज्ञापन

यह मठ करीब 200 वर्ष पुराने हैं। इनमें एक कर्णिका देवी के नाम से जाना जाता है। इन मठों में कोई मूर्ति नहीं थी। कुछ लोग मठों पर दीपक जलाते हैं। मठों के स्थान पर बुद्ध भगवान की मूर्ति स्थापित करने की मंशा रही। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना में लघु सिंचाई का एक अवर अभियंता समेत कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं। पुलिस किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें