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चंपानेर गांव में दिख रहा पुलिस का प्रकोप

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इटावा। बसरेहर के चंपानेर गांव में दरोगा का सिर फूटने के बाद गुस्साई पुलिस का प्रकोप सामने आया है। गांव में सन्नाटा पसरा है। घरों में तोड़फोड़ हुई है। पुरुष भाग चुके हैं। महिलाओं ने बताया कि बुधवार रात को पुलिस ने कई घरों में तोड़फोड़ की। उनमें खौफ बना हुआ है। सदर विधायक ने बृहस्पतिवार को गांव जाकर महिलाओं से बात की और अन्याय न होने देने का आश्वासन दिया।
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क्षेत्र के चंपानेर गांव में जुआ पकड़ने गई पुलिस पर जुआरियों ने हमला कर दिया था। इसमें एक ट्रेनी दरोगा का सिर फट गया था। हालांकि पुलिस इसे हादसा बताती रही। लेकिन रात होते ही पुलिस ने अपनी खीज उतारी। गांव की राजवती पत्नी कैलाश नारायण ने बताया कि पुलिस ने घर में घुसकर वॉशिंग मशीन, हाथ वाली चक्की व अन्य सामान तोड़ दिया। आरती देवी पत्नी मनीष कुमार व उनके पड़ोसी लवकेश कुमार पुत्र वेद ने पुलिस पर घर का दरवाजा तोड़ देने का आरोप लगाया।
हालत यह है कि पुलिस कार्रवाई से बृहस्पतिवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। महिलाओं के अलावा एक भी पुरुष नहीं दिखा। बृहस्पतिवार सुबह सदर विधायक सरिता भदौरिया गांव पहुंची और महिलाओं से मिलकर घटना की जानकारी की। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी के निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने देंगे और न किसी को नाजायज फंसने देंगे।
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इस संबंध में बसरेहर थाना प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि इस मामले में सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। कुछ लोग अज्ञात हैं। उन्होंने नामजद लोगों के नाम नहीं बताए। गांव में तोड़फोड़ के आरोपों पर उन्होंने कहा कि गेट न खोलने पर किसी के घर का दरवाजा टूट गया होगा। पुलिस ने घरों में कोई तोड़फोड़ नहीं की है।
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